दर्जन भर पशु डिस्पेंसरियों में दवाइयां खत्म
पशु पालकों को मवेशियों की बीमारी का उपचार करवाने जाना पड़ रहा चंबा
नेक सिंह ठाकुर
साहो (चंबा)।
साहो क्षेत्र में पशु डिस्पेंसरियों में पशुओं की बीमारी की दवाईयां खत्म हो चुकी हैं। पशु चिकत्सा केंद्र साहो में भी दवाईयां उपलब्ध नहीं हैं। पशु पालकों को अपने मवेशियों के उपचार के लिए चंबा जाना पड़ रहा है। क्षेत्र में एक दर्जन पशु डिस्पेंसरियां है। जहां पर पशु पालकों के मवेशियों का उपचार नहीं हो रहा है। पशु पालक बीमार मवेशियों को लेकर जब डिस्पेंसरी जाते हैं। वहां पर जांच के बाद दवाईयों की पर्ची पशु पालकों को थमा दी जाती है। पर्ची को लेकर पशु पालकों को दवाई लेने के लिए चंबा जाना पड़ता है।
पशु पालकों में चैन सिंह, टेक चंद, योग राज, मान सिंह, हरी प्रसाद, चैन लाल, देवी प्रसाद, सुरेंद्र, अरविंद, ज्ञान चंद, रूप लाल व संजय कुमार ने बताया कि साहो क्षेत्र के गांव में रहने वाले लोगों का मुख्य व्यवसाय पशु पालन व कृषि है। ग्रामीण गाय, भैंस पालकर दूध बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से साहो में पशु पालकों को मवेशियों की बीमारी का उपचार करवाने में परेशानी हो रही है। पशु डिस्पेंसरियों में दवाईयां खत्म हैं। पशु पालक पैदल या माल वाहक का सहारा लेकर बीमार मवेशियों को चंबा पहुंचाते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन व विभाग से मांग की है कि साहो में स्थित पशु डिस्पेंसरियों में जल्द से जल्द दवाईयां उपलब्ध करवाई जाएं। ताकि पशु पालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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इन डिस्पेंसरियों में खत्म हो चुकी हैं दवाईयां
पशु डिस्पेंसरी रजिंडू, परोथा, अठलुंई, कीड़ी, गुआड़, भाला, प्लयूर, जडेरा, सिल्लाघ्राट, बरौर, कलौता, सुंगल व पलुंई में पशुओं की बीमारी की दवाईयां खत्म हैं।
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जल्द उपलब्ध होंगी दवाएं : रवि प्रकाश
पशु पालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि जीएसटी लगने के कारण दवाईयों के रेट रिवाइज हुए हैं। इसकी वजह से दवाईयों की सप्लाई भेजने में देरी हुई है। जल्द ही दवाईयां उपलब्ध करवा दी जाएंगी।