खुशनगरी (चंबा)। दांत में कीड़ा लगने या असहनीय दर्द होने पर चुराह विधानसभा क्षेत्र के लोगों को उपचार करवाने के लिए 85 से 90 किलोमीटर की दौड़ लगाकर मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ता है। सिविल अस्पताल तीसा में दंत रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को भटकना पड़ रहा है। जिले में सेवारत इकलौते दंतरोग विशेषज्ञ को यहां से तबादला कर मेडिकल कॉलेज चंबा में तैनात किया गया है। नतीजतन दो सालों से क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
ऐसे में क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में दंत रोग विशेषज्ञ की तैनाती करने की मांग की है। सिविल अस्पताल तीसा पर उपचार करवाने के लिए चुराह विस क्षेत्र की ग्राम पंचायत टेपा, देवीकोठी, गुलई, बैरागढ़, सिरी, सतियास, जुनांस, मंगली, बौंदेड़ी, गुवाड़ी, खुशनगरी, भंजराडू, सनवाल, डोंरी, जज्झाकोठी, शलैलाबाड़ी, देग्रां, हरतवास, सेईकोठी, थल्ली, खजुआ, पद्दर, जुंगरा, तीसा-द्वितीय, नेरा, बिहाली, जुंगरा, चरड़ा, टेपा, चांजू, बघेईगढ़, देहरोग आदि 55 पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी निर्भर है। बावजूद इसके यहां पर एक अदद दंत रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों में प्रेम लाल, रविंद्र कुमार, जन्म सिंह, लेखराज, हेमसिंह, चमन लाल, खेर मोहम्मद, दीन मोहम्मद, यूसुफ मोहम्मद, जावेद, राकेश कुमार, प्रमोद कुमार आदि ने बताया कि दांतों में किसी भी प्रकार की बीमारी का इलाज करवाने के लिए बसों के जरिये या निजी टैक्सी हायर कर मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ता है। इसकी एवज में उन्हें दो से तीन हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। बीएमओ तीसा डॉ. ऋषि पुरी ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रिक्त पद भरने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।