चंबा। जिले में ट्रांसपोर्टनगर बनाने की योजना सिरे चढ़ती नजर नहीं आ रही है। इसकी मुख्य वजह 50 बीघा जमीन की उपलब्धता न होना सामने आ रहा है। कहने को तो क्षेत्रीय परिवहन विभाग की ओर से जमीन की तलाश के तहत उदयपुर और परेल में भी जमीन देखी लेकिन जमीन की उपलब्धता निर्धारित जमीन से कम होने के कारण इसे रद्द करना पड़ा। खैर अब विभागीय अधिकारी जिले में जमीन की तलाश करने की बात कह रहे हैं। ट्रांसपोर्टनगर के अभाव में ट्रक ऑपरेटरों को अपने ट्रकों को ट्रक यूनियन के कार्यालय समेत मजबूरन हाईवे के किनारों पर ही पार्क करना पड़ता है। इससे कई बार हाईवे पर जाम की स्थिति बन जाती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 में जिले में ट्रांसपोर्टनगर संबंधी पत्र क्षेत्रीय परिवहन विभाग को मिला। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने अपने स्तर पर जिले में जमीन की तलाश करनी शुरू कर दी लेकिन जमीन उपलब्ध न होनाट्रांसपोर्ट नगर की राह में सबसे बड़ी बाधा बन गई है। सूत्रों की मानें तो ट्रांसपोर्टनगर विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों और सीमेंट फैक्टरी के लिहाज से बनाए जाते हैं। जिले में यदि ट्रांसपोर्टनगर बन जाता है तो यहां पर एक हजार गाड़ियों को पार्क करने की व्यवस्था, चालकों के रहने की व्यवस्था, कैंटीन, कलपुर्जों की दुकान समेत कई प्रकार की सहूलियतें मिलनी थीं। बावजूद इसके जमीन न मिलने से अब तक यह स्कीम महज स्कीम बनकर रह गई है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राम प्रकाश ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दो जगह पर जमीन देखी गई लेकिन निर्धारित शर्त के मुताबिक जमीन कम पाई गई। लिहाजा जिले में ट्रांसपोर्टनगर के लिए जमीन की तलाश जारी है।
ट्रक ऑपरेटर यूनियन के पूर्व प्रधान हरदीप सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में परेल में करीब 29 बीघा जमीन देखी गई। जमीन पूरी न होने के कारण यह कार्य अधर में लटका पड़ा है। ट्रक ऑपरेटर यूनियन चंबा के प्रधान सुरेश ठाकुर ने बताया कि जमीन के अभाव में कार्य रुका पड़ा है। बताया कि ट्रांसपोर्टनगर बनने से जिले के लिए विकास की बात होगी।