अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष की सेवाएं बेहतर करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक ने मेडिकल एजूकेशन के निदेशक से छह केजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर भेजने की मांग की है। इसको लेकर उन्होंने एक प्रपोजल बनाकर निदेशक को भेज दिया है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें छह मेडिकल ऑफिसर उपलब्ध होंगे। ऐसा होने पर अस्पताल में आने वाले मरीजों को 24 घंटे बेहतर आपातकालीन सुविधाएं मिलेंगी। मेडिकल कॉलेज में आए दिन डॉक्टरों की कमी की वजह से कोई न कोई समस्या सामने आती है। इसी समस्या का समाधान करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक ने निदेशक से मेडिकल ऑफिसर भेजने की मांग की है। आपातकालीन कक्ष में रोजाना 100 मरीजों की जांच होती है। चंबा मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन कक्ष में मरीजों की सुविधा के लिए प्रबंधन की ओर से हर संभव सुविधा मुहैैया करवाई गई है। मगर डॉक्टर की कमी मरीजों की सुविधाओं में अभाव डाल रही है। क्योंकि आपातकालीन कक्ष में एक ही डॉक्टर तैनात होता है। जो एक समय में एक ही मरीज को देख पाता है। समस्या तब ज्यादा बढ़ जाती है, जब आपातकालीन कक्ष में एक समय में एक से ज्यादा मरीज इलाज के लिए लाए जाते हैं। चंबा में वाहन दुर्घटनाओं की संख्या काफी ज्यादा है। दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों को भी उपचार के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज ही लाया जाता है। ऐसे में आपातकालीन कक्ष में कम से कम दो या तीन डॉक्टर होना आवश्यक है।
इनसेट
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि आपातकालीन कक्ष में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए मेडिकल एजूकेशन के डायरेक्टर को एक प्रस्ताव भेजा है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही आपातकालीन कक्ष के लिए ज्यादा डॉक्टर उपलब्ध होंगे।