साहो (चंबा)। रावमापा कीड़ी में पढ़ाई कर रहे 500 विद्यार्थियों का भविष्य शिक्षकों की कमी के कारण अंधकारमय बनता जा रहा है। हालत यह है कि स्कूल में महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली चल रहे हैं। इसमें प्रधानाचार्य समेत अन्य महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक शामिल है। ऐसे में आलम, यह है कि विद्यालय में शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अध्यापकों के पद खाली होने से अब अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। गौरतलब हो कि प्रदेश सरकार शिक्षा स्तर पर ऊंचा उठाने संबंधी बड़े-बड़े दावे पेश करती हो।
मगर जमीन स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। यहां बात हो रही है कि रावमापा कीड़ी की है। रावमापा कीड़ी में टीजीटी आर्ट्स, लेक्चरर अंग्रेजी, इतिहास, वाणिज्य, हिंदी, प्रधानाचार्य वरिष्ठ सहायक का पद लंबे समय से खाली पड़ा है। वहीं, एसएमसी प्रधान चरण सिंह ठाकुर, सदस्यों में उत्तम चंद, कर्म चंद, रूमला देवी, जर्मो देवी, सुरेखा देवी, निम्मो देेवी और कैलाश चंद ने स्कूल में खाली पदों को भरने के बारे में कई बार शिक्षा विभाग और जिलाधीश चंबा से मांग की जा चुकी है। मगर स्कूल में रिक्त पदों को भरने के बारे में कोई भी कदम नहीं उठाए जा सके हैं।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में तबादला नीति के कारण पिछले एक साल के अंतराल में स्कूल में करीब आठ पदों को खाली किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अगर इसी प्रकार से शिक्षकों का तबादला होता रहा तो एसएमसी कमेटी ने स्कूल पर ताला जड़ दिया जाएगा। इसकी पूर्ण जिम्मेवारी प्रदेश सरकार, शिक्षा विभाग की होगी। उच्च शिक्षा उपनिदेशक देविंद्र पॉल ने बताया कि पिछले दिनों खाली पदों को भरने के बारे में एसएमसी कमेटी ने मांग की थी। इसको लेकर शिक्षा निदेशालय को लिखित सूचना दे दी गई है।