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जिले की सर्पीली सड़के खून की प्यासी, जरा सी चूक दे रही हादसों को न्यौता

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यहां राम भरोसे सफर, थोड़ी सी लापरवाही मतलब मौत
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जिले की ज्यादातर सड़कें खस्ताहाल, न पैरापिट न क्रैश बैरियर
लोक निर्माण के दावे, जमीन हकीकत से नहीं खाते मेल
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिले की सर्पीली सड़कों पर पैरापिट और क्रैश बैरियरों का नामोनिशान तक नहीं हैं। ऐसे में यह सवाल जरूर उठता है आखिरकार कब प्रदेश सरकार और लोनिवि इन सड़कों को वाहनों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाएगा। या फिर इसी तरह से सड़कों की खस्ताहाल और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे। जिले में कई ऐसे में बड़े हादसे हो चुके हैं, जिन्हें सुनकर हर आदमी सिहर उठता है। बावजूद इसके इन मार्गों की स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कोई बड़ा कदम उठता नहीं दिख रहा है। इससे साफ है कि जनता राम भरोसे ही जिले की खतरनाक मार्गों से होकर सफर करने को मजबूर है। हालत यह है कि कई जगहों पर सड़कें इतनी तंग है कि चालक की जरा सी चूक वाहन में सवार सवारियों की जिंदगियों पर भारी पड़ सकती हैं। वहीं, दूसरी ओर लोनिवि जिले में ब्लैक स्पॉटों को चिन्हित कर उन्हें दुरुस्त करने की बात तो करता है। मगर जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।

यह मार्ग, जहां सफर करना खतरे से खाली नहीं
जिले की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां यहां की सड़कों को और अधिक खतरनाक बना देती है। हालत यह है कि अगर वाहन एक बार सड़क से बाहर हो जाए तो कई सौ मीटर खाई में जा गिरता है। इसमें जिंदगी का बचना करिश्मे से कम नहीं है। सड़कों की बात करेें तो भरमौर विस क्षेत्र के अधीन आने वाले भरमौर-हरछू, पूलन-सुप्पा, भरमौर धरोला मार्ग, भरमौर-गरिमा-सियूर लिंक मार्ग, ढकोग-तरैला-तुंदाह, भरमौर-उलांसा मार्गों पर पैरापिट और क्रैश बैरियर आज तक नहीं बन पाए हैं। ऐसे में इन मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों की जिंदगी राम भरोसे ही है। यही हाल होली उपमंडल के अधीन आने वाली अधिकांश सड़कों का है। यहां की चंबा-होली-न्याग्रां मार्ग, लांबू-हिलिंग और सिंयूर पुल से भरमौर मार्ग पर कई जरूरी जगहों पर पैरापिट का नामोनिशान तक नहीं है। वहीं चुराह विस क्षेत्र के तहत भंजराडू-सनवाल, भंजराडू-बैरागढ़, नकरोड़-चांजू-चरड़ा, नकरोड़-भराड़ा, तरैला-मंगली मार्ग भी सफर के लिहाज से सुरक्षित नहीं है। सड़कें तंग होने के साथ-साथ यहां पैरापिट न होना कभी भी हादसों को न्योता दे सकता है। इसके अलावा जिले के अधिकांश सड़कें बदहाली पर आंसू ही बहा रही हैं। ज्यादातर सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। गड्ढों की भरमार होने के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। इसके बावजूद न ही सुरक्षा के दृष्टिगत इन मार्गों को चौड़ा किया जा रहा है और न ही पैरापिट लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय उच्च मार्ग कटोरी बंगला से भरमौर तक का मार्ग भी कई जगहों पर काफी बदहाल हालत में है।
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जिले में 246 ब्लैक स्पॉट, दावा- 196 किए दुरुस्त
लोनिवि मंडल चंबा के तहत चंबा और तीसा में 246 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि इसमें से 196 ब्लैक स्पॉट दुरुस्त कर दिए गए हैं। जबकि शेष ब्लैक स्पॉट को ठीक करने और तंग मोड़ों को चौड़ा करने का कार्य जारी हैं। चंबा मंडल के तहत चंबा-साहो, चंबा-जुम्महार,चंबा खज्जियार मार्गों को चौड़ा किया गया है। इसके अलावा जांघी-लिल्ह, परेल-कोल्हड़ी लिंक मार्गों को चौड़ा करने संबंधी टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। वहीं, साच मार्ग को भी चौड़ा करने का कार्य जारी है। चंबा मंडल के तहत बीते वर्ष में साढे़ ग्यारह किलोमीटर पैरापिट कम बैरियर लगाए गए हैं।
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