अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। शहर में हलवाई की दुकान से भरा गया रस्सगुल्ले का सैैंपल फेल हो गया है। इसको लेकर कोर्ट में केस चलेगा, जहां पर हलवाई को पांच लाख रुपये के जुर्माने के साथ छह माह की सजा भी हो सकती है। दीवाली के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चंबा शहर की हलवाई की दुकानों से मिठाइयों के सैंपल भरे थे। इसे जांच के लिए कंडाघाट लैब में भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची। रिपोर्ट में रसगुल्ले का सैंपल फेल पाया गया, जबकि एक सैंपल दही का भी फेल हुआ है।
रसगुल्ले को रंगीन करने के लिए जो रंग मिलाया गया था, उसे जांच के दौरान लोगों की सेहत के लिए हानिकारक बताया गया है। जिन लोगों ने दीवाली के दौरान रसगुल्ले खाए होंगे, शायद उनकी सेहत पर इसका बुरा असर भी पड़ा हो। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित हलवाइयों को नोटिस जारी कर दिए हैं। रसगुल्ले बेचने वाले हलवाई का केस चंबा न्यायालय में दायर होगा। इसके बाद वहां पर केस की सुनवाई होगी। जबकि, दही बेचने वाले हलवाई का केस एडीएम कोर्ट में चलेगा। इस केस में सजा का ज्यादा प्रावधान नहीं है। ज्यादा से ज्यादा छह माह की सजा हो सकती है। जबकि, फेल सैंपल में पांच लाख जुर्माने के साथ कारावास हो सकता है।
जिला खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी महेश कश्यप ने बताया कि दीवाली के दौरान भरे गए रसगुल्ले और दही के सैंपल फेल हुए हैं। रसगुल्ले के सैंपल को फेल घोषित किया गया है। इसमें मिलाए गए रंग से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता था। दुकानदारों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। आगामी कार्रवाई जारी है।