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भाजयुमो की रैली में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की

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चंबा। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रदेश में दुराचार और हत्या के बढ़ते मामलों को लेकर कार्यकर्ताओं ने जिले में आक्रोश रैली निकाली। रैली से पहले जीरो प्वाइंट भरमौर चौक पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पुतला फूंका गया। आरोप लगाया गया कि इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठियां चलाईं। इससे भड़के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस कर्मी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री का पुतला जलाने से भी नहीं रोक पाए। आक्रोश रैली बाजार का चक्कर काटने के बाद उपायुक्त कार्यालय की ओर बढ़ने लगी। उपायुक्त कार्यालय से कुछ ही दूरी पर पुलिस ने बैरिकेट लगाकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने जा रहे भाजयुमो कार्यकर्ताओं को रोक लिया। सभी कार्यकर्ता उपायुक्त के पास जाने की जिद्द पर अड़े थे। इसको लेकर पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इससे कार्यकर्ता भड़क गए। बैरीकेट से जबरदस्ती करके कार्यकर्ता उपायुक्त के पास जाने की नाकाम कोशिश करने लगे। इस बीच पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई और माहौल इतना गर्मा गया कि एक महिला कांस्टेबल और एसएचओ ने कार्यकर्ताओं पर लाठी चला दी। इसमें भाजयुमो जिला अध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें पहुंचीं। इस दौरान पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगने शुरू हो गए। प्रशासन ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी मंगवा ली। पुलिस कर्मी आंसु गैस के गोले की पेटी के साथ मौके पर तैनात हो गए। माहौल को शांत करने के लिए एसडीएम चंबा राहुल चौहान बीच में आ गए। उन्होंने भाजयुमो कार्यकर्ताओं और भाजपा नेताओं को समझाया, तब जाकर एसडीएम के समझाने पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन बंद किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष डीएस ठाकुर, सदर विधायक बीके चौहान, भटियात के विधायक विक्रम जरयाल, भाजपा जिला सचिव दिनेश शर्मा, भाजयुमो जिलाध्यक्ष विनायक रैणा सहित दर्जनों भाजयुमो कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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पुलिस से लोगों का उठा विश्वास : रैणा
भाजयुमो जिला अध्यक्ष विनायक रैणा ने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। पुलिस मुख्यमंत्री के पुतलों को फूंकने से बचाने में व्यस्त है। कानून व्यवस्था से उनका कोई लेना-देना नहीं है। प्रदेश में रेप और मर्डर की घटनाएं हो रही हैं। इसमें पुलिस की कोई कार्रवाई नजर नहीं आती। लोगों का कानून व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है। प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं को ठगने में लगी है। उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस का पहरा लगाया गया।
प्रदेश में बढ़ रहा गुंडाराज, सरकार बेसुध : ठाकुर
भाजपा जिला अध्यक्ष डीएस ठाकुर ने कहा कि कोटखाई में हुए गुड़िया प्रकरण में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करती है। 15 दिनों के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है। मुख्यमंत्री घटना को मामूली घटना बताते हैं। प्रदेश में गुंडा राज बढ़ता जा रहा है। सरकार ऐसे तत्वों पर कार्रवाई करने की बजाय सहयोग कर रही है। प्रदेश के मुखिया को जमानत के लिए बार-बार दिल्ली कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री गद्दी समुदाय पर शर्मनाक टिप्पणी कर रहे हैं। इसको लेकर प्रदेश का गद्दी समुदाय काफी नाराज है। आने वाले विस चुनाव में प्रदेश सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
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