चंबा। मौसम के रौद्र रूप के बाद जगह-जगह भूस्खलन होने से मार्ग बाधित होने के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम के करीब 150 रूट बाधित हुए हैं। राष्ट्रीय उच्च मार्ग भरमौर-पठानकोट सहित अन्य मार्गों के बंद होने से एचआरटीसी की 48 बसें भी सोमवार को फंसी रही। इससे एचआरटीसी चंबा डिपो को तीन लाख की चपत लगी है। जिला मुख्यालय के साथ लगते कई मार्गों को लोनिवि ने दोपहर तक यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। बावजूद इसके राष्ट्रीय उच्च मार्ग भरमौर-पठानकोट के मंगलवार तक यातायात के लिए बहाल होने पर अभी भी संशय ही बना हुआ है।
गौरतलब है कि रविवार देर रात से आरंभ होने वाली मूसलाधार बारिश ने एचआरटीसी चंबा डिपो की मुसीबतों को बढ़ाकर रख दिया है। सोमवार को जिले के करीब-करीब समस्त मार्गों के बाधित रहने से एचआरटीसी की चंबा डिपो न्यू बस स्टैंड से कोई भी बस दोपहर तक निर्धारित रूटों तक नहीं पहुंच पाई। इतना ही नहीं, राष्ट्रीय उच्च मार्ग भरमौर-पठानकोट केरू पहाड़, पंचपूला और के पास भारी भरकम ल्हासा गिरने से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद है। इसके अलावा चंबा-भरमौर, चंबा-तीसा मार्ग, चंबा-सिल्लाघ्राट मार्ग सहित करीब 150 रूट यातायात के लिए बाधित रहे।
मार्गों के बंद रहने से एचआरटीसी की 48 बसे मार्गों पर फंसी रही। आरएम चंबा सुभाष कुमार ने बताया कि जिले में करीब-करीब सभी रूट बाधित रहे हैं। चुवाड़ी में 35 रूटों पर निगम की एक भी बस नहीं चली। इसके अलावा चंबा के 60 रूटों पर निगम की बसें नहीं चल पाई। वहीं, चंबा-पठानकोट मुख्य मार्ग के बंद होने से लंबी दूरी की एक भी बस बस स्टैंड तक नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, लोगों की सहूलियत को देखते हुए दोपहर बाद बसों की ट्रांजिट करने की भी व्यवस्था की गई। मगर मार्गों के जगह-जगह बंद होने से उन्हें परेशानियां उठानी पड़ी।