भरमौर (चंबा)।
भरमौर के लोग कैमिकल मिश्रित जहरीला पानी पीने को मजबूर हैं। पांच पंचायत के हजारों लोगों को कैमिकल मिश्रित पानी पिलाया जा रहा है। यह पानी भरमाणी माता के स्रोत से बह रहे नाले से सीधे सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों में भंडारण किया जा रहा है।
देखने में यह पानी भले ही निर्मल हो लेकिन इस नाले के ऊपर भेड़ स्नान टैंक में भेड़ों को नहलाने और ऊन उतारने का कार्य चल रहा है। यहां भेड़ों के डिपिंग टैंक में भारी मात्रा में कृमिनाशक दवाइयां मिलाई जा रही हैं। ताकि भेड़ों की ऊन में छिपे कृमियों और बीमारियों का उपचार किया जा सके।
भेड़ों के नहाने के बाद कैमिकल युक्त जहरीला पानी नाले में मिल रहा है। इसके बाद पेयजल भंडारों टैंकों में पहुंच रहा है। इससे लोगों में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बना हुआ है। भेड़ों को नहाने के लिए भेड़ पालक डिपिंग टैंक में पाईरेथ्रोयडस, ऑरगेनोक्लोराईन, कार्बामेट्स, मैंगनीज जैसे घातक रसायनों का उपयोग किया जा रहा है।
विभाग की पाबंदी के बावजूद इस स्थान और उसके आसपास पर भेड़ों को नहलाने के लिए भारी मात्रा में कृमिनाशक रसायन पानी में मिलाए जा रहे हैं। भेड़ पालकों का कहना है कि सरकार ने यह डिपिंग टैंक भेड़ों को नहलाने के लिए ही बनाया है। रसायन युक्त पेयजल आपूर्ति आज से नहीं तीन दशकों से जारी है। अब तो लोग इस पानी को पीने से घबरा रहे हैं। लोग गांव के नजदीकी पेयजल स्रोतों से पीने पानी के लिए पानी ला रहे हैं। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में कैंसर रोगियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इससे लोगों को पेयजल की शुद्धता से भरोसा कम हो गया है।
डिपिंग टैंक को शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी
भेड़ विकास के वरिष्ठ चिकित्सक मदन वर्मा का कहना है कि डिपिंग टैंक को शिफ्ट करने का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए घुघू के पास स्थान का चयन किया जा रहा है। डिपिंग टैंक में भेड़ों को नहलाने पर पाबंदी लगा दी है।
स्वच्छ पानी कर रहे सप्लाई : शरती राम
आईपीएच के सहायक अभियंता शरती राम शर्मा ने कहा कि पेयजल आपूर्ति के लिए भरमाणी से एक अलग पाइप लाइन बिछाई है। इसे फिल्टर टैंक से लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया करवाया जा रहा है। इस प्रश्न का जवाब विभाग के पास भी नहीं था कि जहरीले रसायनों को फिल्टर टैंक कैसे फिल्टर कर रहे हैं।