अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा जिला में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे हैं। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि जिला में तीन आयुर्वेदिक अस्पताल और 115 आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटर चल रहे हैं। मगर इनमें सेवाएं देने के लिए विभाग के पास मात्र 40 ही डॉक्टर हैं। ऐसे में आधे से ज्यादा आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटर बिना डॉक्टरों के चल रहे हैं। जबकि जिला में जो तीन आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। वहां पर भी डॉक्टरों के कई पद खाली चल रहे हैं। इसके चलते वहां इलाज करवाने जाने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं जिला में जो 115 आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटर हैं, इनमें आधे से ज्यादा बिना डॉक्टर के चल रहे हैं। कई हेल्थ सेंटर फार्मासिस्ट के सहारे हैं। हालत यह है कि एक फार्मासिस्ट को दो-दो आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटर चलाने पड़ रहे हैं। इस वजह से फार्मासिस्ट को सप्ताह के तीन दिन एक हेल्थ सेंटर में तो तीन दिन दूसरे हेल्थ सेंटर में सेवाएं देनी पड़ती है। यही हाल डॉक्टरों का भी है। एक डॉक्टर को दो-दो हेल्थ सेंटर देखने पड़ रहे हैं। इससे संबंधित क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कई मर्तबा हेल्थ सेंटर बंद होने की शिकायत लोग प्रशासन से कर चुके हैं। मगर इसका आज दिन तक कोई समाधान नहीं निकल पाया।
बेहतर सुविधाओं के नाम पर झूठे दावे
मनीष कुमार, चमन सिंह, रूप लाल, देवी प्रसाद, राकेश, चंद राम, धर्मपाल, किशोर, सुरेंद्र, हंसराज और नेक चंद ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे जरूर करती है। मगर असलियत में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं लेने के लिए भटकना पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि जिला में आयुर्वेदिक डॉक्टरों के खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।
कई बार सरकार को भेजे प्रस्ताव
आयुर्वेदिक विभाग कई बार सरकार और विभाग को डॉक्टरों के खाली पदों को भरने के लिए प्रस्ताव भेज चुका है। मगर आज दिन तक सरकार ने इन प्रस्तावों के ऊपर कोई गौर नहीं किया। इसके चलते जिला में आयुर्वेदिक अस्पतालों और आयुर्वेदिक हेल्थ सेंटरों में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। इसका खामियाजा दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाली गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है।
आयुर्वेदिक निदेेशक के समक्ष रखीं जाएंगी समस्याएं : पूनम शर्मा
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. पूनम शर्मा ने बताया कि जिला में आयुर्वेदिक डॉक्टरों की कमी चल रही है। इसी माह उनकी आयुर्वेदिक निदेशक के साथ एक बैठक हुई है। इसमें डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने के बारे में चर्चा की जाएगी। ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।