चंबा उपायुक्त कार्यालय सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल।संवाद
चंबा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले में हादसों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के कार्यों और प्रयासों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि चंबा जिला 6528 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। लोक निर्माण विभाग के अधीन 537 सड़कें हैं। इनकी लंबाई 2766 किलोमीटर है इन मार्गों पर 1080 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थल) चिह्नित किए गए हैं। इनमें 839 स्थलों को सुधारा गया है। इस पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 154 ए पर 22 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैंं। इन सभी को सुधारा जा चुका है। ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने और इन्हें सुधारने का मकसद जिले में सड़क हादसों का कम करना है। इसके लिए लोक निर्माण, पुलिस, परिवहन और अन्य विभागों और संस्थाओं के प्रयास जारी हैं। कहा कि सड़क सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के मद्देनजर वित्त वर्ष 2024 25 के लिए तैयार कार्य योजना में जिले में लोक निर्माण विभाग के चंबा, तीसा, सलूणी, भरमौर, डलहौजी, पांगी, चुवाड़ी के अलावा नेशनल हाईवे डिवीजन चंबा के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पर लगभग 64 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। डीसी ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन कर लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। दुर्घटनाएं रोकने के लिए विभागों के अलावा स्वयंसेवी संस्थाओं और बुद्धिजीवी वर्ग का सहयोग जरूरी है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवानी मैहला, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राम प्रकाश, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, नगर परिषद के एसडीओ मदन शर्मा अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।