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देव भूमि दर्शन योजना के लिए जिले से नहीं आया एक भी आवेदन

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। देव भूमि दर्शन योजना शुरू होने से पहले दम तोड़ने लगी है। राज्य के प्रसिद्ध देव स्थलों के दर्शन करवाने के उद्देश्य से आरंभ की गई योजना के तहत जिले से एक भी आवेदन नहीं पहुंचा है। माना जा रहा है कि सरकार के देव स्थलों की यात्रा की एवज में रखी गई एक लाख की आय संबंधी शर्त को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। देव भूमि दर्शन योजना के तहत सरकार के लिए निर्धारित की गई आय संबंधी शर्त इसमें अडंगा बनती जा रही है। गौरतलब हो कि प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को राज्य के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाने के आशय से देव भूमि दर्शन योजना आरंभ की गई है। भाषा एवं संस्कृति विभाग चंबा ने आवेदन जमा करवाने लिए 11 फरवरी की तिथि निर्धारित की थी। योजना के तहत आवेदन न आने पर विभाग ने आवेदन तिथि 18 फरवरी तक बढ़ाई। मगर इस दौरान भी विभाग के पास एक भी आवेदन नहीं आया। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार के तीर्थ स्थलों के दर्शन की एवज में निर्धारित की गई एक लाख की वार्षिक आय संबंधी शर्त के चलते आवेदन नहीं आए हैं। इसके साथ ही जिले में मौसम के बदलते मिजाज, भारी बारिश से मार्गों के तहस-नहस होना भी इसके लिए जिम्मेवार है।

आवेदन के लिए ये दस्तावेज करवाने होंगे जमा
आवेदक की वार्षिक आय एक लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्हें आय प्रमाण पत्र भी आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना होगा। इसके साथ ही आवेदक को चिकित्सा प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शपथपत्र, आयु प्रमाण पत्र, हिमाचल प्रदेश का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदक को यात्रा से पूर्व शपथ पत्र प्रस्तुत करना है।
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इन धार्मिक स्थलों की होनी थी यात्रा
यात्रा के अंतर्गत संकट मोचन मंदिर शिमला, तारा देवी मंदिर शिमला, हाटू मंदिर नारकंडा, मां भीमा काली मंदिर सराहन, जाखू मंदिर शिमला और बाबा नाहर सिंह जी मंदिर बिलासपुर मंदिरों के दर्शन करवाए जाने थे। जिला भाषा अधिकारी चंबा सुरेश राणा ने बताया कि सरकार की देवभूमि दर्शन योजना के तहत जिला भाषा अधिकारी के कार्यालय में एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ है।
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