अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। लिल्ह से गरौंड़ी तक बनने वाली सड़क का कार्य 15 वर्षों के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से क्षेत्र के आधा दर्जन गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं। इस वजह से गांवों के बाशिंदों को दस से बारह किलोमीटर का सफर तय कर धरवाला पहुंच कर बस लेनी पड़ती है। ग्रामीणों की मानें तो वे कई मर्तबा लोनिवि के अधिकारियों और जिला प्रशासन से उनके गांवों को भी सड़क सुविधा से जोड़नेकी मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक उनके ग्रामीणों की मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं, चुनावों के दौरान नेता उन्हें सड़क सुविधा से जोड़ने का आश्वासन देते हैं। मगर चुनाव जीत जाने के बाद कोई भी नेता गांव का रुख करना मुनासिब नहीं समझता है। इस वजह से क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ चुका है।
सामान को पीठ पर उठाकर पहुंचाना पड़ता है घर
राड़ी पंचायत के अधीन आने वाले गांव पधर, गंधर, बकल, अपर बकल, कुडंन और घोड़ गांवों की 2500 की आबादी परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। सड़क के अभाव में लोगों को खाद्य सामग्री और अन्य जरूरत का सामान पीठ पर उठाकर या खच्चरों के माध्यम से ही घरों तक पहुंचाना पड़ता है। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा भवन निर्माण को लेकर भी लोगों का काफी पैसा ढुलाई में ही खर्च हो जाता है। इससे पूरा क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ चुका है। ग्रामीण मुकेश चंद, प्यार सिंह, चमन लाल, मान सिंह, रतन कुमार, रामलाल, जयराम, राकेश कुमार, मनोज कुमार, आशा कुमारी, कमला देवी, निर्मला देवी, आकाश कुमार और राजेश ने बताया कि क्षेत्र के लिए सड़क का कार्य वर्ष 2002 में शुरू किया गया था। मगर इसके थोड़े समय के बाद ही सड़क निर्माण का कार्य बंद करवा दिया गया। इसके बाद आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।