अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में स्मार्ट कार्ड वाले मरीजों का मुफ्त उपचार नहीं हो रहा है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में चार ऑपरेशन हुए। इसमें तीन हर्नियां व एक पथरी का हुआ। इन मरीजों में से एक मरीज स्मार्ट कार्ड धारक था। उसे ऑपरेशन के लिए बेहोश करने वाले इंजेक्शन, दस्ताने सहित अन्य उपकरण बाजार से खरीदने पड़े। इसके लिए तीमारदार को अपनी जेब से करीब चार हजार रुपये खर्चने पड़े। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा मरीजों की कोई सहायता नहीं की गई। हालांकि सरकार ने स्मार्ट कार्ड वाले मरीज को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा देने की योजना चला रखी है। परंतु चंबा में कुछेक दिनों से मरीजों को मुफ्त दवाइयां नहीं मिल रही हैं। सिविल सप्लाई ने अस्पताल को दवाइयां देना बंद कर दिया है। इसका खामियाजा उपचाराधीन मरीजों को उठाना पड़ रहा है।
चंबा मेडिकल कॉलेज के वार्डों में दवाइयों का स्टाक खत्म हो रहा है। वार्ड में तैनात स्टाफ मरीजों के तीमारदारों को बाजार से दवाइयां खरीदने को बोल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शिशु वार्ड में होने वाली हैं। वार्ड में उपचाराधीन बच्चों की संख्या काफी अधिक है।
मेडिकल कॉलेज को सिविल सप्लाई को 35 लाख रुपये देना बकाया है। इसके चलते सिविल सप्लाई ने दवाइयां देने से मना कर दिया है। कॉलेज प्रबंधन ने सिविल सप्लाई के खाते में पांच लाख रुपये जमा करवाए हैं। सिविल सप्लाई इससे संतुष्ट नहीं है। कम से कम 15 लाख जमा करवाने की मांग हो रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि सिविल सप्लाई के लंबित बिलों का भुगतान किया जा रहा है। जल्द ही बकाया राशि चुका दी जाएगी। सिविल सप्लाई इंचार्ज को दवाइयां देने के लिए बोल दिया गया है।