किहार (चंबा)। मॉडर्न स्कूल डांड में सोमवार को भी कक्षाएं नहीं लग पाईं। शिक्षकों की कमी के विरोध में विद्यार्थियों समेत अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेताया है कि अगर तीन दिनों के भीतर अगर माडर्न स्कूल डांड में अध्यापकों के रिक्त पद नहीं भरे गए तो अभिभावक सड़कों पर उतर जाएंगे।
इसको लेकर अभिभावकों ने एसडीएम के माध्यम से सरकार को भी अवगत करवा दिया है। जबकि अभिभावकों ने चौथे दिन भी अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। इसकी वजह से स्कूल में क्लास रूम चार दिनों से सूने पड़े हैं। जो अध्यापक स्कूल में कार्यरत हैं वे रोजाना बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल पहुंच रहे हैं। लेकिन बच्चे पढ़ाई करने के लिए स्कूल नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूल भेजने के बाद भी बच्चों का वार्षिक परीक्षा परिणाम खराब आ रहा है तो बच्चों को स्कूल में भेजने का कोई फायदा नहीं है।
स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष भोला राम, अभिभावकों में देविंद्र कुमार, सोनू, अशोक कुमार, बशीर मोहम्मद, संतोष कुमार, सुरेश कुमार और अजय कुमार ने बताया कि सरकार ने डांड में कहने के लिए मॉडर्न स्कूल तो खोल दिया है। लेकिन मॉडर्न स्कूल के जैसी कोई भी सुविधा बच्चों को नहीं दी जा रही है। स्कूल में मुख्य विषय के अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हैं। इसकी वजह से छात्रों की पढ़ाई बरबाद हो रही है। इस बार दसवीं और बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम खराब आने की वजह से अभिभावक काफी रोष में हैं।
उन्होंने अब आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। अगर तीन दिनों के भीतर स्कूल में अध्यापकों की व्यवस्था नहीं की गई तो सभी अभिभावक अन्य ग्रामीणों के साथ सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने के लिए उतर जाएंगे। इसके बाद जो भी परिस्थिति पैदा होगी, उसकी जिम्मेवारी सरकार और विभाग की होगी। क्योंकि अभिभावक कई बार स्कूल में अध्यापकों के रिक्त पद भरने की मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांग को अनसुना ही किया गया है। एसडीएम सलूणी विजय कुमार धीमान ने बताया कि अभिभावकों ने उन्हें जो ज्ञापन सौंपा गया है। उसे मुख्यमंत्री को भेज दिया जाएगा।