अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिले के दो लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए हैं। इनका उपचार टांडा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं चंबा में स्वाइन फ्लू बीमारी के लक्षण नजर आने पर चंबा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। इसके साथ ही लोगों को स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक किया जा रहा है। हालांकि चंबा मेडिकल कॉलेज में अभी तक एक भी मरीज स्वाइन फ्लू का भर्ती नहीं है। फिर भी अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए इंतजाम पुख्ता कर लिए हैं। इस बीमारी से ग्रसित मरीजों के उपचार के लिए दवाइयों की व्यवस्था के साथ आइसोलेशन वार्ड में स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीज को रखने की व्यवस्था की गई है। जिससे अन्य मरीज इससे संक्रमित न हो सके। स्वास्थ्य विभाग ने चंबावासियों को स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सावधानी बरतने को कहा है। स्वाइन फ्लू बुखार जिसे एच-1, एन-1 के नाम के भी जाना जाता है, यह बुखार खास तौर से सूअरों के श्वसन तंत्र से निकले वायरस से होता है। इसकी चपेट में आने पर कोई भी इस इंफ्लुएंजा का शिकार हो सकता है। इससे बचने के लिए उसकी पहचान करना आवश्यक है। विभाग की ओर से लोगों को चेताया है कि उन्हें स्वाइन के लक्षण दिखाई दें, तो उसकी जांच के लिए तुरंत अस्पताल जाएं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
बुखार, तेज ठंड लगना, गला खराब हो जाना, मांसपेशियों में दर्द होना, तेज सिरदर्द होना, खांसी, कमजोरी महसूस करना बीमारी के लक्षण हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।
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अस्पताल प्रबंधन ने कर रखी हैं पूरी तैयारियां: डॉ विनोद शर्मा
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि चंबा के दो लोग स्वाइन फ्लू से ग्रसित हैं। दोनों का इलाज टांडा में चल रहा है। चंबा अस्पताल में अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं है। द्ग3द्भ अस्पताल प्रबंधन ने इस बीमारी से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिससे मरीज को समय पर इलाज मिल सके।