चंबा। जिले की गर्भवती महिलाओं को अब निजी केंद्रों में भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा निशुल्क होगी और इसका भुगतान सरकार केंद्र को करेगी। इसको लेकर पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित एडवाइजरी कमेटी ने फैसला लिया है।
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कवायद भी शुरू कर दी है। इसके तहत जिले के आधा दर्ज निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को मान्यता प्रदान की जाएगी। ऐसा होने से जिले के अस्पताल में मशीन खराब और रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर जाने की स्थिति में भी गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में ईलाज करवाने आने वाले मरीजों की अकसर यह शिकायत रहती थी कि उन्हें अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिलती है। इसकी वजह यह है कि अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। इस वजह से सभी मरीजों का एक दिन में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता है।
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इसलिए मरीजों को तारीख अनुसार अल्ट्रासाउंड के लिए बुलाया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को पेश आती है। गर्भवती महिलाओं की इस समस्या का समाधान करने के लिए वीरवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित एडवाइजरी कमेटी की बैठक का आयोजन हुआ। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चंबा शहर और आसपास के निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में मरीजों को यह सुविधा मिलती है, तो उनकी समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ संपर्क कर उनसे अनुबंध कर सकता है। इसमें अल्ट्रासाउंड के दाम भी तय किए जाएंगे। ऐसा होने पर जिले के मरीजों को लाभ मिलेगा।
निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में मिलेगी अल्ट्रासाउंड सुविधा : युक्ति धर शर्मा
एप्रोप्रिएट अथॉरिटी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. युक्तिधर शर्मा ने बताया कि बैठक में इस प्रकार का निर्णय लिया गया है। इसके ऊपर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जल्द ही मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रो में भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी।