चंबा। जिले की ऊंची चोटियों पर छह इंच से लेकर ढाई फीट तक ताजा बर्फबारी होने से पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। वीरवार सुबह जनजातीय पांगी, भरमौर और तीसा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई तो वहीं निचले इलाकों में बारिश हुई है। इससे तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है। इससे अक्तूबर माह में ही इस वर्ष लोग ठंड से ठिठुरना पड़ा। ठंड ने लोगों को अभी से ही गर्म कपड़े पहने पर मजबूर कर दिया है। किहार सेक्टर के अधीन धार मंदराला, खजराली धार, गढ़ माता, बनका गोठ, मराली धार, गुल्लू की मंडी, फैजाल, सौणतीथ ऊपरी पहाड़ियों पर दो से ढाई फीट के करीब बर्फबारी हुई है।
वहीं चौंडी की घोड़ी, पद्घरी जोत, भांदल की पहाड़ियों पर छह इंच तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। इस वजह से धाराओं पर बने ग्रामीणों को कोठो पर सूखने के लिए रखी गई मक्की की फसल बर्फबारी के चलते खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है। वहीं, साहो क्षेत्र की जुमलीजोत, दराटी जोत, ऐहण पुखर और बिल्ला जोत में दो से तीन इंच तक बर्फबारी हुई है। कबायली क्षेत्र पांगी की निचली पंचायतों मिंधल, साच, किलाड़, पुर्थी, धरवास में चार इंच तक बर्फबारी हुई है। जनजातीय क्षेत्र भरमौर की कुगति, चौबिया, सुप्पा, बडग्रा, तुंदाह, गुवाड़, मलकौथा, भरमाणी, कुगति और विघ्नपाल परिक्षेत्र में वर्ष का पहला हिमपात होने से निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। ग्रामीण चतर सिंह, मान सिंह, दलीप कुमार, कन्हैया राम, प्रमोद कुमार, नारायण सिंह, दलीप कुमार और बचन सिह का कहना है कि अक्तूबर माह में ही ऊपरी चोटियों पर बर्फबारी होने से इस मर्तबा सर्दियों के दौरान लोगों की दिक्कतें बढ़कर रह जाएंगी।