भरमौर (चंबा)। सौण माह की पूर्णिमा पर पवित्र डल झील में हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। इस मौके पर जिनके भाई या बहन नहीं है, उन्होंने पवित्र डल को साक्षी मानकर एक-दूसरे को भाई-बहन बनाया। साथ ही मुसीबत के वक्त एक-दूसरे का सहयोग करने का प्रण लिया। सौण माह की पूर्णिमा के मौके पर पवित्र डल झील के पास मितरी (भाई-बहन) करने की प्रथा है।
गौरतलब हो कि रक्षाबंधन और सौण माह की पूर्णिमा पर पवित्र डल झील में डुबकी लगाई जाती है। सौण माह की पूर्णिमा का पर्व शनिवार सायं तीन बजकर 17 मिनट से आरंभ होकर रविवार शाम पांच बजकर 26 मिनट तक रहा। इस दौरान हजारों शिवभक्तों ने पवित्र डल झील में डुबकी लगाकर कैलाश के दर्शन किए। अमृतसर से आए गुरमुख सिंह, प्रितपाल सिंह और लाहौल-स्पिति से आए मुकेश कुमार, सुनील कुमार, रेखा देवी, आरती देवी, पूजा ने बताया कि पूर्णिमा के दिन पवित्र डल झील में डुबकी लगाना पुण्य के समान माना जाता है। यहां पर भाई-बहन बनाने की भी प्रथा है।
बता दें कि मणिमहेश यात्रा के दौरान अब धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की तादात में बढ़ोतरी होना आरंभ हो गई है। पवित्र अमरनाथ यात्रा के बाद अब मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की तादात बढ़ गई है। रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डल झील में डुबकी लगाई।