भरमौर (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौबीया में छात्रों की पढ़ाई एक अध्यापक के सहारे चल रही है। स्कूल में मुख्य विषय के अध्यापकों के सभी पद खाली पड़े हैं। मगर इन्हें भरने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है। हालत यह है कि जमा एक और दो कक्षाओं को पढ़ाने के लिए यहां मात्र एक ही अध्यापक तैनात है। इसकी वजह से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
स्कूल में जमा एक में 31 और जमा दो कक्षा में 18 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्रों की पढ़ाई का आधे से ज्यादा वार्षिक समय निकल चुका है। पढ़ाई के मात्र चार माह शेष बचे हैं। इसके बाद बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। अगर बच्चों का सिलेबस पूरा नहीं हुआ तो शायद वार्षिक परीक्षा में बच्चे जैसे तैसे उत्तीर्ण हो भी जाएं। मगर प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पीछे रह जाएंगे। क्योंकि अधूरी पढ़ाई से बच्चे मेरिट लिस्ट में नाम शामिल नहीं कर सकते। राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता के सहारे बच्चों की पढ़ाई चल रही है। जबकि स्कूल में अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, डीपी और बीएससी नॉन मेडिकल का पद खाली पड़ा है।
चौबीया पंचायत के उपप्रधान महिंद्र कुमार ने बताया कि अध्यापक की कमी को लेकर कई बार सरकार और शिक्षा विभाग को अवगत करवाया जा चुका है। मगर अभी तक स्कूल में अध्यापकों के खाली पद नहीं भरे गए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि स्कूल में अध्यापकों के रिक्त पद जल्द भरे जाएं। कार्यवाहक प्रधानाचार्य रंजीत कपूर ने बताया कि स्कूल में खाली पड़े अध्यापकों के पदों के बारे में विभागीय उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया है। जल्द ही अध्यापकों की नियुक्ति होने की संभावना है।