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रामापा जखराल चल रहा डेपुटेशन के सहारे

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डेपुटेशन के शिक्षकों के सहारे चल रहा जखराल स्कूल
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विद्यालय में वर्तमान समय में शिक्षा हासिल कर रहे 25 विद्यार्थी
तीन किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचते हैं स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
किहार(चंबा)। राजकीय माध्यमिक पाठशाला जखराल डेपुटेशन के सहारे चल रहा है। विद्यालय में स्थायी अध्यापकों की तैनाती न होने से शिक्षारत 25 विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि एसएमसी प्रबंधन और स्कूल प्रशासन ने कई बार शिक्षा विभाग को खाली पदों के बारे में अवगत करवाया गया है। बावजूद इसके अभी तक विद्यालय में खाली पड़े पदों को भरें जाने की तरफ शिक्षा विभाग कोई भी रुचि नहीं दिखा रहा है। ऐसे में अभिभावकों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय में खाली पड़े पदों को भरे जाने की मांग उठाई है।
गौरतलब हो कि राजकीय माध्यमिक पाठशाला जखराल में वर्तमान समय में 25 के विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। विद्यालय में अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। विद्यालय में शिक्षा हासिल करने के लिए ग्राम पंचायत किलोड़ के गांव डंडेट, जखराल प्रथम, द्वितीय, तलाई, बंजली से बच्चे दो से तीन किलोमीटर का सफर तय कर विद्यालय पहुंचते हैं। मगर अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
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एसएमसी अध्यक्ष सुषमा देवी, सदस्य सुरेंद्र कुमार, कुलदीप, महिंद्र सिंह, अभिभावक संजय कुमार, सुभाष कुमार, प्रकाश चंद, महिंद्र सिंह, पवन कुमार, रेलमो देवी, राकेश कुमार, राजकुमार और उत्तम चंद ने बताया कि विद्यालय में अध्यापकों की कमी होना बच्चों के भविष्य पर भी असर डाल सकता है। विद्यालय में टीजीटी नॉन मेडिकल, टीजीटी आर्ट्स, पीटीआई, शास्त्री के पद रिक्त पड़े हैं। अभिभावकों ने प्राथमिकता के आधार पर विद्यालय में खाली पड़े पदों को भरने के बारे में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को सूचित किया गया है। रावमापा किहार के प्रधानाचार्य जगरनाथ ने बताया कि जखराल विद्यालय में अध्यापकों की कमी के बारे में सरकार और शिक्षा विभाग को अवगत करवा दिया गया है।
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