अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। सरकारी अमले की लापरवाही का आलम यह है कि रूहणूकोठी में विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने के बाद भी बिजली बोर्ड ने इसे चालू नहीं किया है। हैरानी इस बात की है कि ट्रांसफार्मर एक वर्ष पहले स्थापित किया गया था ताकि क्षेत्र के लोगों को कम वोल्टेज की समस्या से निजात मिल सके। मगर ट्रांसफार्मर लगाने के बाद बिजली बोर्ड ने इसे शुरू नहीं किया। इस वजह से आज भी क्षेत्र के लोग बिजली की कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। इस कारण स्कूल के बच्चे रात के समय ठीक से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार विद्युत बोर्ड के समक्ष मांग उठाई लेकिन आज तक ट्रांसफार्मर शुरू करने को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। जानकारी के अनुसार रूहणूकोठी, जगत, मंगलूण, सामरा, भटाड़ा और योमला में एक साल पहले विद्युत बोर्ड ने ग्रामीणों को कमल वोल्टेज की समस्या से निजात दिलवाने के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाया था। ग्रामीणों में उम्मीद जग गई थी कि अब यहां विद्युत व्यवस्था बेहतर होगी। मगर विद्युत बोर्ड महज ट्रांसफार्मर स्थापित करने तक ही सीमित रह गया और इस ट्रांसफार्मर को एक साल बाद भी शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीण अजीत कुमार, बृजलाल, रणजीत सिंह, पुरुषोत्तम, जोगिंद्र सिंह, दिनेश कुमार, मुकेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, अमन सिंह, रोशन लाल, बलदेव सिंह, अक्षय कुमार और राजकुमार ने बताया कि कम वोल्टेज की समस्या से स्कूली छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने में दिक्कतें पेश आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मार्च महीने में बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने वाली है। ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड से मांग की है कि जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर को चालू किया जाए। बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता योगेश ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में लाया गया है। उन्होें कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।