फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास खंड सलूणी की तीन पंचायते सड़क सुविधा से महरूम

विज्ञापन
विज्ञापन
बीमार को पालकी में मुख्य सड़क तक पहुंचाने को मजबूर
विज्ञापन

विकास खंड सलूणी की तीन पंचायतें सड़क सुविधा से महरूम
ग्रामीणों को तय करना पड़ता है 15 किलोमीटर का पैदल सफर
अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की तीन पंचायतों को अभी तक सड़क सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। ग्राम पंचायत सूरी, खरल और सलूणी के तीन दर्जन से अधिक गांव ऐसे हैं, जोकि सड़क के लिए तरस रहे हैं। लेकिन, अभी तक सड़क नहीं बन पाई है। इन गांवों की पांच हजार आबादी को सड़क के अभाव में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों को आज भी सड़क तक पहुंचने के लिए 15 किमी का पैदल सफर तय करना पड़ता है।
ग्रामीणों कैलाश चंद, प्रेम लाल, तुला राम, मान सिंह, टेक चंद, मदन कुमार, सुरेंद्र, ओम प्रकाश ने कहा कि सरकार कहती है कि सड़कें भाग्य रेखाएं हैं। 100 आबादी से अधिक वाले गांवों को सड़कों से जोड़ा जा रहा है। तीनों पंचायतों के तीन दर्जन से अधिक गांवों की आबादी पांच हजार से अधिक है। जोकि अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई है। कई बार ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित किए गए। जिन्हें सरकार व संबंधित विभाग को भेजा गया। लेकिन, आज दिन तक उन प्रस्तावों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने कहा कि चुनावों के समय गांव को सड़क से जोड़ने की बात कहते हैं। लेकिन, चुनाव के बाद कोई भी गांव की तरफ पलट कर नहीं देखता। इसकी वजह से पंचायतें अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई हैं। गांव में बीमारी व्यक्ति को पीठ या पालकी में बिठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। जहां से उसे एंबुलेंस या निजी वाहन करके स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त पंचायतों के गांव को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
डीपीआर बनाकर सरकार को भेजी है : अरुण पठानिया
अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया ने कहा कि उक्त पंचायतों में सड़क बनाने की डीपीआर तैयार करके सरकार को भेजी गई है। सरकार से मंजूरी मिलने पर सड़क का कार्य शुरू करवाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें