सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। प्रदेश भर में निर्धन परिवारों से संबंध रखने वाली और स्कूल त्याग चुकीं 11 से 14 वर्ष की किशोरियों को ही अब पूरक पोषाहार मिलेगा। इससे पूर्व 11 से 18 वर्ष की किशोरियों को पूरक पोषाहार दिए जाने की व्यवस्था थी। प्रदेश सरकार ने सबला योजना को बंद कर उसके स्थान पर सेग (स्कीम फॉर एडोलसेंट गर्ल्स) योजना को क्रियान्वित करने के बाद ही योजना के नियमों में बदलाव किया गया है। सेग योजना के निर्देशानुसार जिला चंबा की 27 हजार लड़कियां पूरक पोषाहार से वंचित हो गई हैं। गौरतलब हो कि जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है। निर्धन किशोरियों के उत्थान के लिए विभाग ने सबला योजना को भी आरंभ किया गया था। योजना के जरिये निर्धन परिवारों से संबंध रखने वाली किशोरियों को आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषाहार (कच्चा राशन) दिए जाने का प्रावधान था। इसका लाभ जिले की 28 हजार के किशोरियां उठा रही थी। लेकिन, अब इस योजना को बंद कर दिया गया है। सबला योजना को बंद कर अब सेग योजना आरंभ की गई है। सेग योजना के नये नियमानुसार 11 से 14 वर्ष की स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को ही विभाग से पूरक पोषाहार मिलेगा। कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सबला योजना को बंद कर दिया गया है। सबला योजना की जगह अब सेग योजना आरंभ की गई है। योजना के तहत महज 11 से 14 वर्ष की स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों को ही पूरक पोषाहार मिलेगा। इससे पूर्व सबला योजना के तहत 11 से 18 की किशोरियों को पूरक पोषाहार का लाभ मिलता था।
यह मिलता था पूरक पोषाहार
पूरक पोषाहार के तहत कच्चा राशन जैसे दलिया, तेल, रिफाइंड, चावल, नमक और चीनी किशोरियों को दी जाती थी।