अमर उजाला ब्यूरो
पनैला (चंबा)। चंबा से पनैला के लिए जाने वाली सड़क पर निरंतर दो सप्ताह से सरोथा पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। इससे चार पंचायतों के बाशिंदों के लिए हर समय खतरा बना हुआ है। सरोथा स्थित पहाड़ी से किसी समय भी भूस्खलन शुरू हो जाता है। ऐसे में इस सड़क से होकर गुजरना अपनी जान को जोखिम में डालने से कम नहीं है। पहाड़ी से गिरने वाले पत्थरों की चपेट में आने से लोनिवि की दो जेसीबी के शीशे भी टूट चुके हैं। शुक्रवार को सड़क पर गिरे मलबे को हटाते समय जेसीबी पर एकाएक पहाड़ी से पत्थर गिरने से चालक ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। बहरहाल, सरोथा पहाड़ी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
गौरतलब है कि बीते दिनों जिले में होने वाली भारी बर्फबारी और मूसलाधार बारिश के बाद पहाड़ियां भी जर्जर हो चुकी हैं। इसी का प्रमाण चंबा-पनैला मार्ग पर सरोथा घार है। सरोथा पहाड़ी से निरंतर पत्थर गिरने से ग्राम पंचायत उटीप के तहत आते दर्जनों गांवों के लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। लोगों को अपने वाहन छोड़ कर पैदल ही अपनी जान जोखिम में डाल कर अपने शैक्षणिक संस्थानों और रोजी-रोटी की जुगत करने के लिए शहर पहुंचना पड़ रहा है। हालांकि, बच्चों की वार्षिक परीक्षाओं के मद्देनजर लोनिवि की ओर से दो जेसीबी और उनके ऑपरेटरों की ड्यूटी बार-बार बंद होने वाले मार्ग को सुचारु करवाने के लिए लगाई गई है।
ग्रामीणों योगराज, प्रताप चंद, अंबिया राम, किशन चंद, दलीप कुमार, नरेश कुमार, हाकम चंद का कहना है कि चंबा-पनैला मार्ग पर सरोथा पहाड़ी से गिरने वाले पत्थर किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने समस्या उचित समाधान निकालने की मांग की है।
उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि चंबा-पनैला मार्ग पर सरोथा से गिरने वाले मलबे को हटाने के लिए दो जेसीबी मौके पर ही रहती हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ी से गिरने वाले पत्थरों की चपेट में आने से दो जेसीबी के शीशे टूट चुके हैं। साथ ही शुक्रवार को एकाएक गिरे मलबे के नीचे दबने से जेसीबी चालक बाल-बाल बचा है।