अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा से लंबी दूरी के रूटों पर दौड़ रही सरकारी बसों की हालत खस्ता हो गई है। हालात ऐसे है कि यह गाड़ियां बीच सफर में ही खराब हो जाती हैं। इस वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में चंबा डिपो में इस समय नौ बसों की हालत बेहद खस्ता है। मगर अभी तक नई बसें चंबा डिपो को नहीं मिल पाई हैं। ऐसा पिछले एक साल से चल रहा है। नई बसें चंबा को नहीं मिली हो। हालांकि निगम कार्यालय चंबा की ओर से इस बारे में प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें नौ बसों की डिमांड भेजी गई है। बावजूद इसके अभी तक चंबा के बेड़े में नई बसें शामिल नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार नौ बसें 10 से 11 साल पुरानी हो चुकी है। समय-समय पर अधिकारियों द्वारा प्रपोजल भेजें जा चुके है। बावजूद इसके नई बसें चंबा को नहीं मिली हैं। खस्ताहालत गाड़ियों में लंबी दूरी के रूटों की अधिकतर बसें शामिल है। नई बसों को लेकर निगम के अधिकारी पिछले छह महीनों से पत्राचार कर रहे हैं। मगर अभी तक कोई भी सकारात्मक पहल सरकार की तरफ से नहीं की गई है।
इन रूटों पर दौड़ रही खटारा बसें
चंबा डिपो से रोजाना दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, मंडी और शिमला समेत अन्य लंबी दूरी के बस रूट है। मगर इन बसों में निगम को खस्ताहालत गाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं।
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आरएम चंबा सुभाष का कहना है कि बसों की डिमांड के बारे में उच्चाधिकारियों को प्रपोजल भेजी गई है। उन्होंने माना कि नौ बसें काफी पुरानी हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द नई गाड़ियां चंबा डिपो को मिलेगी।