अमर उजाला ब्यूरो
पुखरी (चंबा)। ग्राम पंचायत मसरुंड आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में दो सालों से डॉक्टर का पद खाली पड़ा है। हालत यह है कि उपस्वास्थ्य केंद्र में दो वर्षों से डॉक्टर नहीं है। इस वजह से डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट सप्ताह में तीन दिन सेवाएं देता है। जबकि तीन दिन दूसरी डिस्पेंसरी में सेवाएं देता है। इसके चलते सप्ताह के तीन दिन डिस्पेंसरी चपरासी के हवाले रहती है। ऐसे में लोगों को उपस्वास्थ्य केंद्र का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
डिस्पेंसरी में स्टाफ न होने के कारण ग्रामीणों को इलाज करवाने के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर पुखरी जाना पड़ता है। इस कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक डिसपेंसरी में ग्राम पंचायत दुलाहर, मसरुंड, झुलाड़ा और कुठेड़ के लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं, मगर स्टाफ पूरा न होने के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इस कारण करीब 1700 की आबादी प्रभावित हो रही है। टेक चंद टंडन, योग राज, पवन कुमार, बबलू, रमेश कुमार, प्रेम लाल, विपन कुमार, जगदीश, खेत सिंह और देवेंद्र ने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की है कि मसरुंड आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में स्टाफ की नियुक्ति की जाए। इससे स्थानीय लगभग चार पंचायतों के सैकड़ों लोगों को सहूलियत मिलेगी। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि इस बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द स्टाफ की तैनाती कर दी जाएगी।