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मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही चुराह की देहरा पंचायत

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स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रही चुराह की देहरा पंचायत
मरीज को इलाज के लिए तीस किलोमीटर दूर तीसा जाने को मजबूर
बैंक और स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा का इंतजार कर रहे स्थानीय ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
तीसा(चंबा)। भले ही राजनीतिक दल चुराह के विकास की बात कर रहे हो। मगर चुराह उपमंडल के तहत आती ग्राम पंचायत देहरा के ग्रामीणों को अभी भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार है। इस पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं है। छोटी से छोटी बीमारी के लिए ग्रामीणों को आज भी तीसा अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। इसके अलावा आज भी बैंक के लिए ग्रामीणों को 30 किलोमीटर का सफर तय कर तीसा मुख्यालय का रुख कर रहे हैं। ग्रामीण कहते हैं कि नेता विस और लोकसभा चुनावों के दौरान बड़े-बड़े दावे करते हैं। मगर चुनाव जीत जाने के बाद नेता पंचायत का रुख करना भी जरूरी नहीं समझते। पांच साल बाद भी नेता झूठे आश्वासनों की फेहरिस्त लेकर पंचायत में पहुंच रहे हैं। मगर अभी तक मूलभूत सुविधाएं ग्रामीणों को नहीं मिल पाई है।
ग्रामीण पवन कुमार, शमी कुमार, छोटू, धीरज, प्रकाश, किरण, राजकुमार, कमलेश और पप्पू ने कहा कि स्वास्थ्य और बैंक सुविधा न मिलने से काफी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। ग्रामीणों को बैंक खातों से लेनदेन संबंधी कार्यों और स्वास्थ्य जांच के लिए तीसा पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी समस्या से अवगत करवाया। बावजूद इसके अभी तक उक्त समस्याएं जस की तस है। सरकारी नुमाइंदे वोट बैंक के रूप में इस्तेेमाल कर रहे हैं। कुल मिलाकर देहरा पंचायत में मूलभूत सुविधाएं हर बार चुनावी मुद्दा बनती जा रही है।
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कांग्रेस सरकार ने किया अनसुना : हंसराज
भाजपा प्रत्याशी हंसराज का कहना है कि पिछले चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के चलते उनकी हर मांगों को अनसुना किया गया। उन्होंने कहा कि आगामी विस चुनावों में जीत के बाद देहरा पंचायत का विकास प्रमुखता से करवाया जाएगा।
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स्थानीय विधायक ने नहीं किया विकास : सुरेंद्र
कांग्रेसी प्रत्याशी सुरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि स्थानीय विधायक ने देहरा पंचायत से वोट तो लिए। मगर ग्रामीणों को मांगे पूरी करने में कोई सकारात्मक पहल नहीं की।
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