चरस कारोबार पर नोटबंदी का असर नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है। बाजार में चल रही तंगी के बावजूद चरस कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
नतीजतन आए दिन चरस तस्करी के मामले देखने को मिल रहे हैं। पुलिस पिछले 72 घंटों में चरस के दो मामलों में लगभग चार किलो से अधिक चरस बरामद कर चुकी है। चंबा में चरस के चुराह घाटी में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
हालांकि चुराह घाटी से बाहर आने जाने वाले तमाम रास्तों पर पुलिस सहित खुफिया और गुप्तचर विभाग ने अपना जाल बिछा रखा है। हालांकि सरकार के निर्देशानुसार पुलिस और संबंधित विभागों ने अपनी भूमि से चरस के पौधों को हटाने की मुहिम चलाई थी। बावजूद इसके चरस के कारोबारियों ने सरकार और प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए चरस की नई खेप तैयार कर ली। जो कि चुराह घाटी से सीधे पंजाब राज्य की ओर ले जाई जाती है।
जहां पर मामूली पौधे से तैयार होने वाली यह चरस कई गुणा अधिक दामों पर बिकती है। पिछले कुछ समय में पेश आए मामलों में भी यही विशेषता देखने को मिली है। उधर इस बारे में डीएसपी चंबा वीर बहादुर ने बताया कि पुलिस ने चरस तस्करी की रोकथाम के लिए जो अभियान छेड़ रखा है, वह जारी रहेगा। इस संदर्भ में जिले के सभी पुलिस थाने व पुलिस चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। चरस तस्करी करते पाए जाने पर कार्रवाई होगी।