चंबा। कांधवारा पंचायत के गंभीर जंगल में कथित अवैध कटान की जांच कर रही वन विभाग की टीम को तीसरे दिन 35 कटे हुए पेड़ों के ठूंठ मिले हैं। जांच के दौरान सभी ठूंठों पर सरकारी हैंबर अंकित पाए गए, जिससे संकेत मिलते हैं कि ये पेड़ वैध प्रक्रिया के तहत टीडी अथवा वन निगम के लॉट के अंतर्गत काटे गए हो सकते हैं। अब हैंबर नंबरों के आधार पर विभाग संबंधित रिकॉर्ड खंगालकर पूरी स्थिति स्पष्ट करेगा।
जंगल में कथित अवैध कटान की शिकायत सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का दावा किया गया था। हालांकि अब तक की जांच में शिकायत के अनुरूप कोई व्यापक अवैध कटान सामने नहीं आई है। जांच के पहले दिन टीम को पांच ऐसे ठूंठ मिले थे, जिनका विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। हालांकि ये ठूंठ काफी पुराने प्रतीत हो रहे हैं और उनकी भी अलग से जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार यदि जांच के दौरान यह संदेह पुख्ता होता है कि कुछ पेड़ों की कटाई में स्थानीय लोगों की भूमिका रही है तो विभाग लकड़ी की बरामदगी के लिए गांवों में सर्च अभियान भी चला सकता है। फिलहाल जांच का केंद्र जंगल क्षेत्र ही बना हुआ है और अभी तक ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है।
जांच के शुरुआती चरण में कुछ ग्रामीणों ने टीम को जंगल में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में अधिकारियों के समझाने के बाद जांच कार्य शुरू हो सका। विभाग ने टीम को 15 दिन के भीतर पूरे जंगल का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब विभाग और स्थानीय लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
तीसरे दिन की जांच में 35 कटे हुए पेड़ों के ठूंठ मिले हैं और सभी पर सरकारी हैंबर अंकित पाए गए। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सुशील कुमार गुलेरिया, डीएफओ