चुवाड़ी (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र भटियात के तहत आते चुवाड़ी, बनेट, कुडणू और होबार क्षेत्र, जो कभी धान, गेहूं और मक्की की अच्छी पैदावार के लिए जाने जाते थे, आज वहां खेत खाली और बंजर पड़े नजर आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण बंदरों का आतंक, लावारिस मवेशियों की समस्या और अब जंगली सुअरों का खेतों तक पहुंचना बताया जा रहा है। इन समस्याओं से परेशान होकर क्षेत्र के करीब 35 किसानों ने खेती करना छोड़ दिया है।
किसानों का कहना है कि एक ओर सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों की जमीनी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं किया जा रहा। पहले बंदर और लावारिस मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे, अब जंगली सुअरों ने भी किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
किसान प्रदीप कुमार, अनिल कुमार, राजेश कुमार, विनोद, नरेंद्र और विजय कुमार ने बताया कि पहले वे दिन-रात खेतों में बैठकर फसलों की रखवाली करते थे। महंगे बीज खरीदकर, कड़ी मेहनत से फसल उगाने के बावजूद जब बंदर और लावारिस मवेशी पूरी फसल उजाड़ देते थे तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता था। अन्य कामों के साथ-साथ दिन-रात खेतों की निगरानी करना अब संभव नहीं हो पा रहा। लगातार नुकसान और अनिश्चित मौसम के चलते किसान मजबूर होकर खेती से दूरी बना रहे हैं।
वहीं, विषय विशेषज्ञ कृषि विकास खंड सन्नी पटियाल ने बताया कि क्षेत्र में किसानों का खेती के प्रति रुझान कम हो रहा है। हालांकि विभाग की ओर से किसानों को हरसंभव सहायता देने का प्रयास किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कई किसानों ने इस बार खेती नहीं की, जिसके कारण खेत खाली पड़े हैं।