चंबा। जिला चंबा की 32 पंचायतों को भारत सरकार ने एक साल के लिए टीबी मुक्त घोषित किया है। सेंटर टीबी डिविजन भारत सरकार ने पिछले साल प्रदेश की सभी पंचायतों में टीबी मुक्तिकरण को लेकर सर्वे करवाया था। इसमें पंचायतों से टीबी मुक्त होने के लिए दावे पेश करने को कहा गया था।
दावा वही पंचायत कर सकती थी, जहां टीबी मरीज न हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मापदंड पहले से तय कर रखे थे। इन्हीं मापदंडों के आधार पर जिले की 309 पंचायतों में से 32 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
बुधवार को इन पंचायतों को उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने सम्मानित किया। पंचायतों को पहले साल टीबी मुक्त घोषित होने पर कांस्य की बनी गांधी मूर्ति दी गई। दूसरे वर्ष जो पंचायत टीबी मुक्त घोषित होगी, उसे चांदी की मूर्ति दी जाएगी। तीसरे वर्ष लगातार टीबी मुक्त होने वाली पंचायत को सोने की मूर्ति दी जाएगी। उपायुक्त ने पंचायतों को सम्मानित करते हुए सभी लोगों से अपील की कि वे टीबी मरीजों को निक्षय मित्र योजना के तहत मदद करें। ऐसा करके वह टीबी मरीज के इलाज में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल जिले की पंचायतों से टीबी मुक्त होने के लिए दावे पेश करने को कहा था। सभी पंचायतों ने दावे पेश किए। मापदंडाें के तहत पंचायत में दावों की सत्यता जांचने के लिए ब्लॉक स्तर पर कमेटी बनी। कमेटी ने पंचायतों में जाकर निरीक्षण कर दावों की जांच की। 309 पंचायतों में से 32 पंचायतें टीबी मुक्त होने में सफल रहीं। टीबी प्रोग्राम अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि जो 32 पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं।