डलहौजी (चंबा)। ग्राम पंचायत चलामा के लदेरा गांव के ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि गांव के लिए आज तक पानी की कोई भी लाइन नहीं बिछाई गई है। यह गांव सड़क से करीब एक किलोमीटर नीचे है। गांव की बावड़ियों का पानी भी बरसात के कारण दूषित हो गया है। इसके अलावा गांव में नलकूप, हैंडपंप जैसी भी कोई व्यवस्था नहीं है। पानी के लिए गांव के लोग बरसात के पानी पर निर्भर हैं। बरसात होने पर लोग छतों से टपकने वाले पानी को बर्तनों में एकत्रित कर उपयोग करने को मजबूर हैं। नतीजतन, आज भी गांव की 800 की आबादी प्राकृतिक स्रोत और बरसात के पानी पर ही निर्भर हैं।
ग्रामीणों को रोजाना मीलों पैदल सफर तय कर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ता है। ग्रामीणों की मानें तो वह कई बार आईपीएच महकमे के कर्मचारियों से गांव में पेयजल की लाइन बिछाने की मांग उठाते आए हैं। बावजूद इसके अभी तक समस्या जस की तस ही बनी हुई है।
ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता से गांव के लिए भी पेयजल की लाइन बिछाने की मांग उठाई है। ग्रामीण रमेश, मोहम्मद अली, हफीज खान, रफी मोहम्मद, जावेद अली, नरवेज खान, विकास, अबदुल खान, प्रीतम सिंह और जीत सिंह ने बताया की इस समस्या के बारे में कई बार आइपीएच विभाग से गांव के लिए पेयजल की लाइन बिछाने की मांग उठा चुके हैं। मगर ग्रामीणों की मांग पर कोई भी गौर नहीं किया जा सका है। आइपीएच विभाग के सहायक अभियंता राकेश ठाकुर ने बताया कि अगर ग्रामीण पंचायत से प्रस्ताव बनाकर विभाग के पास जमा करवाते हैं तो इस दिशा में आगामी कदम बढ़ाए जा सकते हैं।