चंबा। ग्राम पंचायत कुपाहड़ा के गांव कुपाहड़ा, भरिया और चौंरी के पेयजल उपभोक्ता मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं। हैरानी इस बात की है कि मटमैले पानी के साथ अब पेयजल में कीड़े भी आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यह समस्या बीते कुछ समय से पेश आ रही है।
लोगों ने बताया कि पानी मटमैला होने और कीड़े आने की वजह चुनंगाड़ी नाले के पास बने पेयजल सोर्स का खुला होना है। इसके अलावा स्टोरेज टैंक भी टूट चुका है। इस कारण यह स्टोरेज टैंक भी खुला ही पड़ा है। ग्रामीणों की मानें तो वह कई बार संबंधित विभागीय कर्मचारियों को इस समस्या बारे में अवगत करवा चुके हैं। बावजूद समस्या जस की तस ही बनी हुई है। ग्रामीणों ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता से समस्या का प्रमुखता के साथ निदान करने की मांग उठाई है।
गौरतलब हो कि कुपाहड़ा पंचायत के गांवों में रहने वाली 200 की आबादी को चुनंगाड़ी नाला के पास बने प्राकृतिक स्रोत से होती है। इसके अलावा पानी का स्टोरेज टैंक भी खुला है। ऐसे में लोगों को बीते कुछ दिनों से मटमैले पानी की सप्लाई की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब पानी में कीड़े भी आने शुरू हो गए हैं। ऐसे में गांव में वह आईपीएच विभाग के हैंडपंप से ही पानी भरने को मजबूर हैं। ग्रामीण अनिल कुमार, प्रकाश, अशोक कुमार, कमल कुमार, अनिल कुमार, राकेश कुमार, पुष्प कुमार और योगराज का कहना है कि कुपाहड़ा पंचायत के अधीन आने वाले लोगों को पेयजल की आपूर्ति तो हो रही है। मगर पानी में कीड़े निकल रहे हैं। इस कारण ग्रामीणों में बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने अधिकारी से प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करवाने की मांग उठाई है।
कोट्स
कुपाहड़ा पंचायत प्रधान कांता देवी ने बताया कि उन्होंने भी पानी के स्रोत और स्टोरेज टैंक का जायजा लिया है। इसकी हालत काफी खराब है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करने की मांग उठाई है।
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आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता हमिंद्र चौणा ने बताया कि उनके पास ग्रामीणों की इस प्रकार की कोई भी लिखित शिकायत नहीं पहुंची है। अगर ऐसी समस्या है तो प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। इससे लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति मिल सके।