तीसा (चंबा)। सड़क नहीं बनने से चुराह की दो पंचायतों के बाशिंदों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान की अगुवाई में शुक्रवार को बसुआ गांव में बैठक भी की। इसमें निर्णय लिया गया कि जब तक प्रीतमास से बसुआ तक सड़क का कार्य शुरू नहीं हो जाता, तब तक वे किसी भी चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। चाहे चुनाव लोकसभा के हों और विधानसभा और पंचायतों के हों। ग्रामीणों का कहना है कि प्रीतमास से बसुआ तक सड़क निर्माण कार्य दस वर्ष पहले शुरू हुआ था। जोकि आज दिन तक पूरा नहीं हो पाया। इसकी वजह से यह कार्य अधर में लटक गया है।
इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। प्रीतमास से जुआरी तक तीन किमी सड़क बनी है। जबकि जुआरी से बसुआ तक पांच किमी सड़क का कार्य अधर में लटका है। हरतवास पंचायत के प्रधान शरीफ मोहम्मद, वार्ड मेंबर थनेई कोठी नरेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क न होने से ग्रामीणों को रोजाना पैदल आवाजाही करनी पड़ती है। जबकि सरकारें रोजाना अखबारों में बयान देती रहती हैं कि प्रदेश के हर गांव को सड़क से जोड़ा जा रहा है।
लेकिन असलियत में ग्रामीण क्षेत्रों के गांव सड़क से अछूते हैं। गांव में जब कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे पालकी या पीठ पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। जहां से उसे निजी वाहन या एंबूलेंस के जरिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि सड़क के बीच में लोगों की निजी भूमि आ रही है। निजी विभाग के नाम पर होने के बाद ही सड़क निर्माण की आगामी प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।