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मापदंडों को पूरा न करने वाले निजी स्कूल नपेंगे

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। आरटीई एक्ट के तहत आते विभिन्न मापदंडों को पूरा न करने वाले निजी स्कूलों पर प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने शिकंजा कस दिया है। इस संदर्भ में प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग ने निर्देश जारी कर जिले के समस्त निजी स्कूलों को अब आरटीई एक्ट के तहत विभिन्न जानकारियां दो दिनों में फोटो सहित विभाग को भेजने के लिए सुनिश्चित करने को कहा है। यह ब्योरा विभाग प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को भेजा जाएगा। निजी स्कूलों में अगर कोई कमी पाई जाती है तो निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को जारी निर्देशों के अनुसार समस्त निजी स्कूलों को स्कूल में खेल मैदान, स्कूल भवन और शौचालयों इत्यादि की जानकारी फोटो सहित देनी होगी। इसके लिए विभाग ने दो दिन का समय निजी स्कूल प्रबंधकों को दिया है। इस मामले में अगर कोई स्कूल प्रभारी दो दिनों के भीतर ब्योरा जमा नहीं करवाता है तो स्कूल प्रबंधन इस लापरवाही के लिए स्वयं जिम्मेवार होंगे। गौरतलब है कि जिले में कुछेक निजी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास खेल का मैदान नहीं है। साथ ही कुछेक स्कूलों में शौचालयों का भी अभाव है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला की ओर से इस संदर्भ में पूरी जानकारी विशेष फॉर्मेट में मांगी गई है, जो स्कूल प्रभारियों को आगामी दो दिनों के भीतर हर हाल में जमा करवानी होगी। इस मामले में लापरवाही के लिए निजी स्कूल प्रभारी स्वयं जिम्मेवार होंगे।
ब्योरे के लिए यह रहेगा फॉर्मेट
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजे गए फॉर्मेट के आधार पर ब्योरा निजी स्कूलों को भेजना होगा। इसमें स्कूल का नाम, शिक्षा खंड का नाम, प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अध्यापकों की संख्या, कक्षा वार बच्चों की संख्या, शौचालयों की संख्या (छात्र-छात्रों के लिए) खेल का मैदान अपना या किराए पर है, स्कूल का एरिया, भवन अपना है या किराए पर, यह समस्त ब्योरा दो दिनों में भेजना होगा।
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कार्यवाहक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक संजीव पुरी ने बताया कि उक्त ब्योरा निदेशालय की ओर से मांगा गया है, जो दो दिनों के भीतर निजी स्कूलों को जमा करवाना होगा। ब्योरा पहुंचने के बाद विभागीय टीमें निरीक्षण करेंगी। कहा कि मापदंड पूरा न होने की सूरत में नियमानुसार कार्रवाई निदेशालय की ओर से की जाएगी।
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