अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। विकास खंड मैहला के तहत पंचायत किलोड़ के छह दर्जन गांव कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। हालत यह है कि कम वोल्टेज की वजह से लोगों को बल्ब जलाने के साथ दिये भी जलाने पड़ते हैं। इससे गृहणियों को काम निपटाने में परेशानी आती है तो वहीं बच्चों को पढ़ाई करने में समस्या आती है। लोगों ने बताया कि इस बारे में कई बार बिजली बोर्ड को अवगत करवा चुके हैं। मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इस बात को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
जानकारी के अनुसार पंचायत के लारखा, चलोग, फाट, भावल, अमलौथा, डेटू, मऊआ और फैला गांवों में कम वोल्टेज की समस्या पिछले लंबे समय से चल रही है। गांवों में करीब साठ परिवार गुजर बसर कर रहे हैं। ग्रामीण केवल वशिष्ठ, प्रेम कुमार, पवन कुमार, विनोद कुमार, शिव कुमार, विरेंद्र कुमार, सन्नी राम, राकेश जरयाल, सोनू राम, राकेश कुमार, शिव कुमार, आत्मा राम, मुकेश शर्मा, अजय कुमार, मनिषा देवी, रामेश, सुरेंद्र, देविंद्र, आकाश, मोनिका, काव्य कुमारी, देशराज, भगत सिहं, हंसराज और आरती देवी का कहना है कि रात को घर में बल्ब के साथ-साथ दिए जलाने पड़ते हैं। इसे चलते घर के जरूरी काम निपटाने में दिक्कतें आती हैं तो वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। खासकर स्कूली नौनिहाल कम वोल्टेज के चलते पढ़ाई करने में असमर्थ है, वहीं गृहणियों को भी खाना बनाने में परेशानियां आ रही हैं। ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड से मांग की है कि गांव में ट्रांसफार्मर लगाया जाए। ताकि उन्हें कम वोल्टेज की समस्या से निजात मिल सके। विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता योगेश कुमार ने बताया कि इस बारे में जानकारी उन्हें नहीं है। संबंधित गांव प्रस्ताव बनाकर दें तो इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।