लिल्ह स्कूल में शिक्षकों की कमी बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित अभिभावक चिंतित
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लिल्ह में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। हैरानी इस बात की है कि स्कूल में वाणिज्य संकाय की पढ़ाई शुरू कर दी गई है और बच्चों ने भी दाखिला ले लिया है। मगर बावजूद इसके यहां इस विषय के शिक्षक ही नहीं है। इससे अभिभावकों को बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। स्टाफ की कमी होने के से छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में पांच अध्यापकों के पद खाली है। हालांकि इस बारे में कई बार शिक्षा विभाग से मांग कर चुके हैं। मगर अभी तक खाली पड़े पदों को नहीं भरा गया है। इससे छात्र-छात्राओं को नाममात्र की शिक्षा स्कूल में मिल रही है। इसका असर उनके परीक्षा परिणाम में भी देखने को मिलेगा। स्टाफ की तैनाती न होने से अभिभावकों में काफी रोष है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में गणित, टीजीटी कला अध्यापक के तीन पद और कॉमर्स संकाय के अध्यापकों के पद खाली है। अभिभावक मुकेश कुमार, पंकज कुमार, राकेश कुमार, रोशन लाल, वीना देवी, रेखा देवी, उपमा देवी, सुरेंद्र कुमार, कमल कुमार, नरेंद्र सिंह, प्रताप चंद, प्रकाश चंद, मनजीत कुमार और मनोज कुमार सहित प्रेम कुमार ने बताया कि स्कूल में अध्यापकों की कमी होने से स्कूली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में कॉमर्स संकाय में भी छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। मगर इस संकाय के अध्यापकों की तैनाती अब तक नहीं हो पाई है। इस बारे वे शिक्षा विभाग से कई बार मांग कर चुके है। मगर अभी तक अध्यापकों की तैनाती करने के बारे में विभाग की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से दोबारा मांग की है कि जल्द खाली पड़े अध्यापकों के पदों को भरा जाएगा। ताकि छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए।