अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। रेपिड रिस्पांस टीम जंगली जानवरों से लोगों की रक्षा के लिए काम करेगी। इसके तहत जिले के रिहायशी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों पर हमला करने वाले जंगली जानवरों से बचाव के लिए ही वन्य प्राणी विभाग की टीम का गठन किया है। पांच से सात सदस्यों की ये टीम प्रभावित क्षेत्रों में जाकर रैकी करके जंगली जानवरों को भगाने और अन्य कदम उठाने के लिए यथा संभव प्रयास करेगी।
गौरतलब है कि जिले में बीते कुछ महीने से जंगली जानवरों ने रिहायशी क्षेत्रों में दहशत फैलाई है। इतना ही नहीं, जंगली जानवरों के हमले में एक दर्जन के करीब लोगों पर भालुओं ने लहूलुहान तक कर दिया है। इन मामलों के सामने आने के बाद वन्य प्राणी विभाग और वन विभाग स्टाफ को भी भेजता है। इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए जंगली जानवरों से लोगों की रक्षा करने के लिए वन्य प्राणी विभाग ने रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है। ये टीम घटना संबंधी सूचना मिलने के बाद प्रभावित गांव का दौरा करेगी। यहां लोगों की सुरक्षा के लिए वस्तुस्थिति अनुसार उचित कदम उठाएगी। जिला के जुम्महार, भरमौर, गैहरा और खज्जियार सहित आसपास के क्षेत्र में दर्जन भर लोगों पर भालुओं के हमले में लोग बुरी तरह से घायल हो चुके हैं।
ये रहेंगे रेपिड रिस्पांस टीम में शामिल
रेपिड रिस्पांस टीम में डीएफओ, बीओ, रेंज ऑफिसर, डिप्टी रेंज ऑफिसर और वन रक्षक को शामिल किया गया है। वन विभाग के डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि जंगली जानवरों से लोगों की रक्षा करने के लिए रेपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। ये टीम प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जंगली जानवरों से लोगों को निजात दिलवाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।