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बालू में रावी नदी के तट पर जान जोखिम में डाल कर नहा रहे लोग

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अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला मुख्यालय के साथ बालू में लोग जान जोखिम में डालकर रावी नदी में नहा रहे हैं। इससे उनकी जान जाने का हर समय खतरा बना रहता है। रावी नदी का बहाव इतना तेज है कि कोई भी इसकी चपेट में आने के बाद जान गांव सकता है। लोगों को नदी से दूर रखने के लिए प्रशासन की ओर से जगह-जगह चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। बावजूद इसके स्थानीय लोग चेतावनी को दरकिनार करते हुए रावी नदी में जाकर नहा रहे हैं। इससे पहले भी रावी नदी में नहाते समय कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पिछले वर्ष सेना के दो जवान भी रावी नदी के तेज बहाव में बह गए थे। इनके शव दो दिनों के बाद बरामद हुए थे। इसके अलावा तड़ोली के पास कई पर्यटक रावी नदी में बह चुके हैं। इन सभी घटनाओं से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने रावी नदी के तटों पर जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। मगर चेतावनी बोर्ड को देखने और पढ़ने के बाद भी लोग रावी नदी के तट पर जा रहे हैं। इससे उनकी जान को हर समय खतरा बना रहता है। चमेरा परियोजना में सुबह के समय रावी नदी का पानी रोका जाता है। इससे नदी का जलस्तर कम हो जाता है। जलस्तर को कम देेख कर लोग रावी नदी के बीच में चले जाते हैं। मगर चमेरा बांध से अचानक पानी छोड़ दिया जाता है। इसका पता लोगों को तब चलता है जब वह पानी के बीच में फंस चुके होते हैं। हाल ही में भी राजपुरा के पास 12 लोग नदी के बीच में फंस गए थे। इन्हें देर रात को दमकल विभाग की टीम ने रेस्कयू करके निकाला था। रावी नदी की चपेट में आने से किसी प्रकार की अनहोनी घटना घटित न हो इसके लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
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इनसेट
जगह-जगह रावी तट पर लगाए गए हैं चेतावनी बोर्ड: एएसपी चंबा
एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि रावी नदी के तटों पर लोगों को नहीं जाने के लिए प्रशासन की ओर से जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों को इन चेतावनी बोर्ड को देखने के बाद रावी तट में नहीं जाना चाहिए।
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