चंबा। होली पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। लोग होलिका पूजा के लिए सामान खरीद रहे हैं तो वहीं रंगों की भी जमकर खरीददारी कर रहे हैं। इसमें बच्चें विभिन्न प्रकार की पिचकारियां खरीदने में मशगूल हैं। बीस मार्च को होलिका दहन किया जाएगा। जबकि 21 मार्च को रंगों का त्यौहार होली धूमधाम से मनाया जाएगा।
बाजारों में 20 रुपये से लेकर 450 रुपये तक की पिचकारियां भी उपलब्ध है। पिचकारी विक्रेता सुरेश कुमार, देवी राम, देसराज और राजकुमार का कहना है कि इस बार बच्चों के लिए कार्टूनों वाली पिचकारियां बाजार में आई हैं। इनकी खूब मांग है। खास तौर पर डोरेमोन, पिकाचू, टॉम और मिक्की माउस आदि किरदारों की पिचकारियां बच्चों को खूब भा रही हैं। होली पर सस्ते केमिकल रंगों की भरमार है।
रंगों के त्योहार में बरतें एहतियात
चिकित्सकों के अनुसार होली पर्व पर रंग जरूर लगाएं। मगर इसको लेकर एहतियात बरतने की भी जरूरत है। ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। इसको देखते हुए शरीर पर ज्यादा देर तक रंग न रहने दें। जितना जल्द ही सकें, स्नान कर लें। ज्यादा देर शरीर पर रंग होने से एलर्जी हो सकती है। जिससे सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है। बालों को जितना हो सकें, रंगों से बचाकर रखें। क्योंकि सिर पर रंग जम जाता है। साथ ही बालों को नुकसान हो सकता है। आंखों को भी ढक कर रखें। रंग लगाते वक्त आंखों में रंग ना फेंके। इससे आंखों में भी एलर्जी हो सकती है
चंबा मेडिकल कॉलेज के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. दिलबाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने ने बताया कि होली के त्यौहार में रंग आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए अच्छी क्वालिटी के रंगों का प्रयोग करें।