जान जोखिम में डालकर बैरा नदी को पार कर रहे स्कूूली बच्चे
बाढ़ में पुल बहने के बाद जुगाड़ की तरंगड़ी से आवाजाही करने को मजबूर
ग्रामीण बोले, पुली निर्माण के बारे में कई बार उठा चुके है मांग, नहीं बना पुल
सतपाल शर्मा
तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल में बैरा नदी को पार करने के लिए क्षेत्र के नौनिहालों समेत क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालने का मजबूर है। नदी पर बना पुल कुछ समय पहले आई बाढ़ में बह गया था। मगर इसके बावजूद अभी तक यहां पर पुल का निर्माण नहीं किया गया। ऐसे में तरंगड़ी पार कर स्कूूली बच्चेें आवाजाही करने को मजबूर हैं। इसके चलते यहां कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि यह तरंगड़ी ग्राम पंचायत हरतवास को खुशनगरी से जोड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पुली निर्माण के बारे में कई बार मांग कर चुके है। मगर अभी तक यहां नई पुली का निर्माण नहीं हो पाया है। इस बात को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है।
जानकारी के अनुसार हरतवास और खुशनगरी पंचायत को जोड़ने के लिए वर्ष 2010 में एक लोहे की पुल का निर्माण किया था। इसमें करीब पांच लाख रुपये की राशि खर्च की गई थी। मगर यह पुल वर्ष 2011 में बाढ़ की भेंट चढ़ गया। यहां से आवाजाही करने के लिए ग्रामीणों के लिए छोटा पड़ता है। मजबूरी में स्कूली बच्चों समेत ग्रामीण जुगाड़ तंत्र से बनाई गई तरंगड़ी से आवाजाही कर रहे हैं।
ग्रामीण रमेश कुमार, देवेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, उमेश कुमार, प्रतिभा देवी, उपमा देवी, रेखा देवी, सुरेेश कुमार, पूजा देवी और राजकुमार ने बताया कि यहां पुल का निर्माण होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यहां से दोनों पंचायतों के लिए छोटा रास्ता है। वर्तमान में तरंगड़ी से लोग आवाजाही कर रहे हैं। इससे कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि भंजराड़ू स्कूल जाने के लिए स्कूली बच्चे यहीं से गुजरते है। ग्रामीणों ने मांग की कि जल्द बैरा नदी पर पुली का निर्माण किया जाए। ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके। एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्द उचित पहल की जाएगी।