चंबा। जंगलों में लगने वाली आग रिहायशी इलाकों में भी नुकसान पहुंचा रही है। ग्राम पंचायत सिढकुंड के गांव गली के साथ लगते जंगल में शरारती तत्वों के द्वारा लगाई गई आग से तीन लोगों की 600 गठियां घास जलकर स्वाह हो गया। इतना ही नहीं, जंगल की आग से निकलने वाली लपटों की चपेट में आने से मकान की एक खिड़की भी जल गई है। इसके बाद ग्रामीणों ने आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीण इस आग पर काबू पा सके।
हालांकि ग्रामीणों की कोशिशों से मकान को सुरक्षित बचा लिया गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर बाद जंगल की आग रिहायशी इलाके में पहुंच गई। इस आग की चपेट में आने से प्रभुदयाल, हरदेई, बलदेव राम और चिकणू राम की करीबन 600 सूखे घास की गठिया (बेठे) जल गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अग्निशमन विभाग को सूचित करने के बावजूद दमकल वाहन तीन घंटे तक भी मौके पर नहीं पहुंच सके। आग की लपटों की चपेट में आने से एक मकान की खिड़की भी जल गई है। अग्निशमन विभाग के स्थानीय अधिकारी कुब्ज सिंह ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई भी सूचना नहीं आई है। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम गतियाणू में आग बुझाने के लिए गई है।