मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने भर्ती प्रक्रिया से झाड़ा पल्ला
कहा-निजी कंपनी कर रही कर्मियों की भर्ती
नियुक्ति के बाद प्रबंधन देखेगा व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। मेडिकल कॉलेज में भर्ती में हो रही धांधली को लेकर पैदा हुए विवाद से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद प्राचार्य दूसरी बार पत्रकारों से रूबरू हुए। शुक्रवार को प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज में आउट सोर्स के तहत अभी तक 125 कर्मचारियों की नियुक्तियां हुई हैं। सभी नियुक्तियां कंपनी प्रबंधन की ओर से की गई हैं। 25 पदों पर भर्ती आगामी दिनों में होगी। कंपनी प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की भर्ती करती है। उसके बाद व्यवस्था प्रबंधन देखता है।
उन्होंने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज के दूसरे सेशन को शुरू करने को लेकर एमसीआई की आपत्तियों को पूरा किया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए नई व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज में जल्द एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजिस्ट के पद भरे जा रहे हैं। इससे अस्पताल में पेश आने वाली समस्याओं का हमेशा के लिए समाधान हो जाएगा। मौजूदा समय में अस्पताल में एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजिस्ट के एक-एक विशेषज्ञ हैं। इनके छुट्टी पर जाने से व्यवस्था ठप हो जाती है। इसके समाधान के लिए पदों को बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा सर्जन की एक अन्य नियुक्ति हो रही है। औहरी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा में रिक्त नर्सों के पदों को भरने के लिए चयन बोर्ड हमीरपुर द्वारा ही भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। वर्तमान समय में मेडिकल कॉलेज चंबा में 51 नर्सों के पद भरे हुए हैं। जबकि, मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए 175 पद स्वीकृत हैं।
उन्होंने कहा कि चंबा अस्पताल में कुछेक समय के लिए मेडिकल कॉलेज चलेगा। सरोल में मेडिकल कॉलेज के लिए जगह स्वीकृत है, जहां पर उसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। आने वाले समय में चंबा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।