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चंबा मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड बंद, मरीज परेशान

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चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में 15 तक किसी भी मरीज के अल्ट्रासाउंड टेस्ट नहीं होंगे। इसकी वजह यह है कि मेडिकल कॉलेज में तैनात रेडियोलॉजिस्ट के 15 अप्रैल तक जरूरी कार्य से छुट्टी पर चला गया है। इस कारण अब जिले भर से यहां अल्ट्रासाउंड करवाने आने वाले मरीजों को दिक्कतें झेलनी होगी या फिर निजी लैबों में महंगे दाम पर टेस्ट करवाने होंगे। अल्ट्रासाउंड टेस्ट की सुविधा बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होगी। गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ समय-समय पर जांच करने के लिए अल्ट्रासाउंड करवाने को कहते हैं। इससे उनके गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति और सेहत का पता लगाता है।
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इसके चलते अस्पताल में रोजाना तीस से चालीस मरीजों के अल्ट्रासाउंड होते हैं। मगर रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी जाने के बाद अस्पताल में यह सुविधा बंद हो गई है। हालांकि गर्भवती और अन्य मरीज अल्ट्रासाउंड करवाने को लेकर अल्ट्रासाउंड केंद्र में पहुंच रहे हैं। यहां पहुंचने पर ही उन्हें डॉक्टर के छुट्टी पर होने की सूचना दी जा रही है। इसको लेकर केंद्र के बाहर कोई भी सूचना बोर्ड नहीं लगाया है। चंबा अस्पताल को भले ही मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिल गया हो लेकिन मेडिकल कॉलेज जैसी सुविधाएं मरीजों को अभी तक नहीं मिल पाई है।

मेडिकल कॉलेज में कम से कम दो या इससे अधिक रेडियोलॉजिस्ट होने चाहिए। जबकि चंबा मेडिकल कॉलेज में एक ही रेडियोलॉजिस्ट लंबे समय से सेवाएं दे रहा है। इसके छुट्टी पर जाने से व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं। महिला रोग ओपीडी में रोजाना 200 से 300 महिलाएं अपनी जांच करवाती हैं। इसमें कई महिलाओं को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं। 15 अप्रैल तक गर्भवती समेत अन्य मरीजों को निजी लैबों में अल्ट्रासाउंड करवाने पडे़ंगे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि सरकार से चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए एक अन्य रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। जोकि जल्द ही पूरी होने वाली है। इसके बाद डॉक्टर के छुट्टी पर जाने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
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