होली (चंबा)। ग्राम पंचायत न्याग्रां के धोगी और चनेड गांव आजादी के सत्तर वर्षों के बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। इससे यहां रहने वाली एक हजार की आबादी आज भी पैदल सफर तय करने को मजबूर हैं। सड़क सुविधा न होने से गांव में विकास के कार्यों को भी गति नहीं मिल पा रही है। लोगों को सड़क के अभाव में कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी किसी मरीज और गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में आती है। इस स्थिति में मरीज को पालकी पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीण अशोक कुमार, संजीव, राकेश चंद, संजय कुमार, हंसराज, कमल कुमार, रंजीत, रविंद्र और टेक चंद ने बताया कि चनेड और धोगी गांव से सड़क की दूरी करीब छह किमी है। इस वजह से लोगों को घर का जरूरी सामान भी पीठ पर उठाकर घर तक पहुंचाना पड़ता है। लोगों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब गांव में कोई व्यक्ति बीमार हो जाए। मजबूरी में उसे पीठ और पालकी में उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। यहां से एंबुलेंस और निजी वाहन के जरिये मरीज को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है। सड़क के अभाव में मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती। कई बार गंभीर रूप से बीमार होने वाले व्यक्ति की बीच रास्ते में ही मौत तक हो जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग को गांव तक सड़क बनाने के लिए कई बार गुहार लगाई गई है। मगर अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त गांव को जल्द से जल्द सड़क से जोड़ा जाए।
जल्द करवाए जाएंगे सड़क के टेंडर : अजय नाग
सहायक अभियंता अजय नाग ने बताया कि उपरोक्त गांव के लिए सड़क स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही इसके टेंडर करवाए जाएंगे। इसके बाद युद्घ स्तर पर सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा।