अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। ग्राम पंचायत बैरागढ़ के हंसवानी गांव के 22 परिवारों के घरों के भूस्खलन की जद में आने का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को प्रशासन की टीम ने गांव का निरीक्षण किया। इसके साथ ही घरों को पैदा हुए खतरे का जायजा लिया। इस दौरान प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थान का अवलोकन भी किया गया। गांव में आठ परिवारों के मकान ऐसे हैं, जिनकी दीवारों पर भूस्खलन की वजह से दरारें आना शुरू हो गई हैं। इन परिवारों के घर प्रशासन कभी भी खाली करवा सकता है। इसके लिए परिवारों के लिए सुरक्षित स्थान को तलाशा जा रहा है। गांव के निवासी श्यामलाल ने निजी भूमि आठ परिवारों को दान करने का निर्णय लिया है। बुधवार को श्याम लाल ने आठ परिवारों के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री भी करवा दी। इस दौरान एसडीएम हेमचंद वर्मा समेत कानूनगो मौजूद रहे। उनकी देखरेख में परिवारों के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री हुई। गांव के 14 परिवारों के घरों को भी भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। उनके लिए भी प्रशासन विकल्प तलाश कर रहा है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए धनराशि मुहैया करवाएगा। जिससे प्रभावित परिवार परिवार के लिए घर तैैयार कर सकें। जब तक इन आठ परिवारों के लिए रहने की उचित व्यवस्था नहीं होती, तब प्रशासन उनके रहने की व्यवस्था करेगा। इसके लिए गांव के सुरक्षित स्थान पर प्रशासन की ओर से टेंट और राशन की व्यवस्था की जाएगी। जिससे प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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एसडीएम चुराह हेमचंद वर्मा ने बताया कि गांव को भूस्खलन से खतरा पैदा हुआ है। गांव के परिवारों के लिए सुरक्षित स्थान तलाशा जा रहा है। आठ परिवारों के लिए जमीन की व्यवस्था हो गई है। घर बनाने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से पूरी सहायता की जाएगी। अन्य परिवारों की सुरक्षा का भी ख्याल रखा जा रहा है।