भरमौर(चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा में प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद गंदगी का आलम है। इस वजह से देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं मणिमहेश में ग्लेशियरों और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। रविवार को विधायक जियालाल के साथ यहां निरीक्षण के लिए पहुंचे उपायुक्त ने इस स्थिति को देखते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं ताकि बड़े शाही स्नान तक व्यवस्थाओं को सुधारा जा सके।
इसको लेकर उन्होंने लंगर समितियों और सेक्टर अधिकारियों को भी उचित निर्देश जारी किए। उनके साथ एडीएम पृथीपाल सिंह भी थे। यात्रा के कई पड़ावों पर खुले में कूड़ा कचरा फैला था। इसमें लंगर समितियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। जबकि जगह-जगह रास्तों में गंदगी फैली हुई थी। पवित्र मणिमहेश यात्रा के तहत छोटा शाही स्नान दो सितंबर को विधिवत रूप से हो चुका है। वहीं, छोटे शाही स्नान के बाद से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
ऐसे में अब बडे शाही स्नान को लेकर प्रशासन एक्शन मोड पर है। इसको देखते हुए रविवार को भरमौर के विधायक जियालाल कपूर, जिलाधीश चंबा हरीकेश मीणा और एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। मणिमहेश यात्रा संबंधी प्रबंधों का जायजा लेने पहुंचे डीसी चंबा ने बड़े शाही स्नान को लेकर पेश आने वाले ट्रैफिक चैलेंज को लेकर यातायात प्रभारी और पुलिस जवानों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
गौरीकुंड में रोशनी हो पर्याप्त इंतजाम
यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव गौरीकुंड के पास रात के समय रोशनी न होने संबंधी शिकायत भी जिलाधीश चंबा के पास पहुंची। शिकायत के आधार पर डीसी चंबा ने सेक्टर अधिकारी और वहां पर तैनात कर्मचारियों को गौरीकुंड के आसपास बिजली की व्यवस्था करवाने के बारे में निर्देश दिए।
मुख्य जगहों पर नहीं दानपात्र
यात्रा के विभिन्न पड़ावों में कुछ जगहों पर दानपात्रों को उचित जगहों पर स्थापित नहीं किया गया है। इसको लेकर जिलाधीश चंबा ने इन दानपात्रों को सही जगहों पर स्थापित करने के बारे में एडीएम भरमौर को निर्देश दिए।
जिलाधीश चंबा हरीकेश मीणा ने बताया कि रविवार को यात्रा संबंधी प्रबंधों, व्यवस्था का जायजा लेने के लिए यात्रा पर निकले। इस दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर करने बारे सफाई ठेकेदार, लंगर समितियों और सेक्टर अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।