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टैक्सी स्टेंड से ददमा घराडू होते हुए भरमाणी मंदिर पहुंचेंगे श्रद्धालु

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manimahesh - फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो

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भरमौर (चंबा)। मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को इस मर्तबा जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। शिव भक्तों की सुविधा को देखते हुए यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव भरमाणी माता मंदिर के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वन-वे की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं, बुधवार से वन-वे की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। ऐसे में साढ़े छह किलोमीटर का सफर तय कर भरमाणी में माता के दर्शन करने के अलावा स्नान कर श्रद्धालु हड़सर के लिए कूच कर सकते हैं।

गौरतलब हो कि मणिमहेश यात्रा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शनों के लिए आते हैं। यात्रा के दौरान सबसे पहले श्रद्धालु सर्वप्रथम भरमाणी माता मंदिर में पहुंचकर माता के चरणों में शीश नवाते हैं। ऐसी मान्यता है कि भरमाणी माता के दर्शन न करने वालों की मणिमहेश यात्रा को पूर्ण नहीं माना जाता है।
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ऐसे में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए भरमौर प्रशासन ने टैक्सी स्टेंड से ददमा घराडू होते हुए भरमाणी के लिए वन-वे की व्यवस्था की है। इसके अलावा वापसी में श्रद्धालु वाया मलकोथा-पट्टी से होते हुए अगले पड़ाव हड़सर के लिए कूच करेंगे। बता दें कि मणिमहेश यात्रा पर इससे पूर्व जो भी श्रद्घालु भरमाणी मंदिर तक वाहन लेकर जाते थे। इस वजह से उन्हें अक्सर जाम की समस्या से जूझना पड़ता था। ऐसे में अब भरमौर प्रशासन का यह कदम श्रद्धालुओं की दिक्कतों को दूर करने वाला है। वहीं, बीते बीस मई को वाया ददमा घराडू मार्ग को काम की वजह से बंद किया गया था। इसे बुधवार को यातायात के लिए सुचारू करवाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता इंद्र ठाकुर उत्तम ने बताया कि भरमाणी माता मंदिर व मदिर से हड़सर के लिए वन-वे की व्यवस्था के तहत 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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एडीएम भरमौर पृथीपाल सिंह ने बताया कि भरमाणी माता मंदिर में शीश नवाने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए वन-वे की व्यवस्था की गई है। बुधवार से वन-वे की व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए आरंभ कर दी जाएगी।

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